गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को टिकट मिलते ही भाजपा में विरोध के सुर उठने शुरू हो गए हैं। संजयन त्रिपाठी ने चुनाव लड़ने का एलान किया है। डॉ. संजयन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है जो प्रत्याशी घोषित किए जाने तक भाजपा का सदस्य नहीं था।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भाजपा का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर टिकट के दावेदारों की नाराजगी सामने आने लगी है। टिकट के दावेदार रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने चुनाव मैदान में उतरने का एलान किया है।
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उन्होंने कहा कि वह विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और एक अक्तूबर को नामांकन करेंगे। भाजपा ने मंगलवार को ध्रुव कुमार त्रिपाठी समेत विधान परिषद की छह सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की।
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है जो प्रत्याशी घोषित किए जाने तक भाजपा का सदस्य नहीं था। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वालों की अनदेखी की गई है।
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उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव भाजपा के लिए बिहार के बाकीपुर और मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव जैसा परिणाम देने वाला होगा। साथ ही 2018 के गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों से दूर जाने का आरोप लगाया।
ध्रुव त्रिपाठी ने कहा- शिक्षक हित प्राथमिकता
ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा में जाने की उनकी कोई मजबूरी नहीं थी। शिक्षक हित उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण के बिना शिक्षकों के हित में बेहतर काम करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के हित में अलंकार परियोजना शुरू की है और शिक्षकों की निशुल्क चिकित्सा की मांग भी भाजपा सरकार ने पूरी की है। उनके अनुसार, शिक्षक हित भाजपा के साथ है।
अन्य दावेदार भी मैदान में
भाजपा नेता देशबंधु शुक्ला ने भी टिकट की दावेदारी की थी। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर वह अपने संगठन के साथ चुनाव लड़ेंगे। 2020 के चुनाव में ध्रुव त्रिपाठी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे अजय कुमार सिंह ने भी चुनाव लड़ने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि अब वह भाजपा से जुड़े नहीं हैं और वित्तविहीन शिक्षक संगठन के समर्थन से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने पांच अक्तूबर को नामांकन करने की बात कही। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने अजय सिंह के दावे पर कहा कि वह भाजपा में कभी पदाधिकारी नहीं रहे। उन्होंने अजय सिंह पर चुनाव के समय भाजपा नेताओं की तलाश करने का आरोप लगाया।