सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में अनुपस्थित रहने पर कमिश्नर अनिल ढींगरा ने चार सीओ, नायब तहसीलदार सहित 28 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सभी का एक दिन का वेतन बाधित करने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर कार्यवाही का निर्देश दिया है।
कमिश्नर ने शनिवार को सदर तहसील में डीआईजी आनंद कुलकर्णी के साथ आए लोगों की समस्याएं सुनीं। ज्यादातर मामले राजस्व से संबंधित थे। राजस्व विभाग से 116, पुलिस से 20, विकास से 4, समाज कल्याण विभाग से 2 औ अन्य विभागों से 10 मामले आए। 10 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
शेष मामलों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
इनका वेतन रोका गया
कैंट, गोरखनाथ, चौरीचौरा और कैंपियरगंज के सीओ, पिपराइच के नायब तहसीलदार, राजघाट, तिवारीपुर, कोतवाली, शाहपुर, चिलुआताल, बेलीपार और झंगहा के एसओ, पीपीगंज की थानाध्यक्ष, चरगांवा व पिपराइच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उप मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक अवर अभियंता बाढ़, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, नलकूप द्वितीय, निर्माण खंड भवन, अवर अभियंता लघु सिंचाई, उप नगर आयुक्त नगर निगम, सहायक विकास अधिकारी, (पंचायत) खोराबार, पिपरौली, जंगल कौड़िया, खोराबार, भटहट, पिपरौली, पिपराइच के सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), मत्स्य पालक विकास अभिकरण, उप श्रमायुक्त, आबकारी निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उप्र परिवहन निगम, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) जंगल कौड़िया व भटहट, खंड विकास अधिकारी पिपरौली व चरगांवा, सहायक विकास अधिकारी खोराबार और जिला खाद्य विपणन अधिकारी।