गोरखपुर शहर के साथ ही पंचायतों में भी अब विकास के पहिये की गति तेज की जाएगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद पिछले करीब छह महीने से सुस्त पड़े विकास कार्यों को गति देने के लिए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने नई पहल की है। पंचायतों के निरीक्षण के साथ ही उन्होंने अब रोज 10 पंचायतों के प्रधान के साथ ही कोटेदारों से भी संवाद करने का निर्णय किया है। बुलावा भेजकर इन प्रधानों को आयुक्त कार्यालय बुलाया जाएगा। पंचायतों के विकास के लिए प्रधानों की योजनाएं सुनने के साथ ही कमिश्नर उन्हें जरूरी टिप्स भी देंगे। विकास कार्यो में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा होगी और उसका निस्तारण भी कमिश्नर कराएंगे। इसकी नियमित मोनिटरिंग भी वह करेंगे। शुरुवात गोरखपुर के पंचायतों से होगी फिर एक -एक कार देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के प्रधानों से भी कमिश्नर संवाद करेंगे। इसी तरह कोटेदारों की समस्याएं सुनने के साथ ही उन्हें समय से खाद्यान वितरण के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। घटतौली भी रोकी जाएगी।
5000 कोटेदारों को 10 साल का 43 करोड़ बकाया 30 दिन में मिला
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के कोटेदारों को कमिश्नर रवि कुमार एनजी की पहल पर एक दशक से बकाया धनराशि अब मिलने लगी है। मण्डल के 5000 कोटेदारों को 10 साल का बकाया 43 करोड़ महज 30 माह में उनके खाते में भेज जाने लगा है। मंडल में करीब 20 से 22 करोड़ रुपये का और कोटेदारों का बकाया रह गया है। कमिश्नर ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही उसका भी भुगतान हो जाएगा। सोमवार को आभार जताने पहुंचे कई कोटेदार मण्डलायुक्त इस त्वरित कार्रवाई पर भावुक हो गए। हर कोटेदार के खाते में एक मुश्त औसतन 82 से 85 हजार रुपये की धनराशि आई है।
कोटेदारों का मिडडे मील, परिवहन एवं लाभांश के बकाये के रूप में मंडल में 60 करोड़ से अधिक का भुगतान पिछले 10 सालों से लंबित था। कमिश्नर के निर्देश पर अब तक खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों ने 43 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। कुशीनगर के कोटेदारों को 7.52 करोड़, देवरिया के कोटेदारों को 6.32 करोड़, महराजगंज के कोटेदारों को 5.37 करोड़ एवं गोरखपुर के कोटेदारों को 8.56 करोड़ा का भुगतान किया गया है।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि कोटेदारों का जितना भी बकाया है उसका भुगतान कराया जा रहा है। 43 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। बाकी राशि का भी भुगतान जल्द हो जाएगा। किसी भी कोटेदार को भुगतान में यदि कोई दिक्कत हो तो वह सीधे मुझसे मिल सकता है। भुगतान में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। सरकार उनकी समस्याओं का निस्तारण कर रही है ऐसे में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वे भी अपने हिस्से का काम निष्ठा और ईमानदारी से करें। किसी के खिलाफ शिकायत नही आनी चाहिए वर्ना जांच कराकर उनपर भी कार्यवाही की जाएगी।