एक नवंबर से पांच दिसंबर 2021 तक चले पुनरीक्षण अभियान में तमाम लोगों के नाम ही काट दिए गए। इनमें जो सतर्क थे उन्होंने अनुपूरक सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर दिया मगर कई ऐसे लोग हैं जो समय से यह नहीं जान सके कि उनके नाम कट गए हैं। या फिर अनुपूरक सूची में जब तक आवेदन करने गए तबतक इसकी भी समय सीमा समाप्त हो गई। प्रशासन के मुताबिक नामांकन के आखिरी तारीख से 10 दिन पहले तक ही नाम बढ़ाने के लिए आवेदन लिए जा सकते हैं। ऐसे में अब ये लोग, दोबारा वोटर नहीं बन सकते।
पत्नी और भाभी का कट गया नाम
घोषकंपनी के रुपेश जायसवाल का कहना है कि पुनरीक्षण अभियान के पहले उनके घर के सभी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज थे। मगर अभियान के बाद जब उन्होंने चेक किया, तो पता चला कि उनकी पत्नी और भाभी का नाम कट गया है। उन्होंने अनुपूरक सूची में नाम जुड़वाने के लिए बीएलओ के पास आवेदन किया मगर फिर भी नाम नहीं जुड़ा। इसी तरह रुस्तमपुर की सरिता सिंह का कहना है कि उनकी दोनों बहुओं के नाम वोटर लिस्ट में थे मगर अब नहीं हैं।
अनुपूरक सूची में करीब 33 हजार नए वोटरों के नाम बढ़े हैं। नामांकन समाप्त होने के 10 दिन पहले जिन्होंने भी आवेदन किया, उन सभी छूटे हुए लोगों के नाम अनुपूरक सूची में जोड़े गए। इस अवधि के बाद आए आवेदनों पर विचार नहीं किया जा सका। इनके नाम भी चुनाव बाद मतदाता सूची में जोड़ दिए जाएंगे। पुनरीक्षण अभियान के बाद मतदाता सूची फाइनल होने पर किसी का नाम नहीं काटा गया। सिर्फ नए नाम जोड़े गए। पुनरीक्षण अभियान या उसके पहले यदि किसी के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, तो वे शिकायत करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी