गोरखपुर के बेलघाट कस्बा में चुनावी रंजिश में सोमवार रात संजय की गोली मारकर हत्या और उनके भाई रंजय को घायल करने के मामले के आरोपी शिवम को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उधर, गांव में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस सतर्कता बरतते हुए गश्त करती रही। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को कृष्णा अग्रहरि के बुलाने पर संजय अपने भाई रंजय के साथ चौराहे पर गए थे। इसी दौरान चुनावी रंजिश में संजय और रंजय को बदमाशों ने गोली मार दी थी। सोमवार देर रात संजय की मौत हो गई थी। जबकि रंजय का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
मंगलवार को शव आने के बाद ग्रामीण रास्ता जाम कर प्रदर्शन करने लगे थे और शव को दाह संस्कार के लिए नहीं ले जा रहे थे। समझाने पर नहीं मानने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर ग्रामीणों को भगाया था जिसके बाद शव का दाह संस्कार कराया गया था।
पुलिस ने इस मामले में संजय के साले की तहरीर पर शिवम समेत चार नामजद व अज्ञात पर केस दर्ज कर किया था। पुलिस ने मंगलवार को ही शिवम को पकड़ा था। जिसके बाद बुधवार को उसे जेल भेजा गया। थानाध्यक्ष बेलघाट श्याम मोहन का कहना है कि दबिश जारी है अति शीघ्र अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बेलघाट घटना पीड़ित परिजनों से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
गोरखपुर की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को संजय और रंजय के परिजनों से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को मदद तथा जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई का आश्वासन दिया। मृतक के पिता से मोबाइल फोन पर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की बात भी कराई। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस जिला कमेटी के उपाध्यक्ष संजय चौबे, जिला सचिव मोनिका पांडे, बद्री शुक्ला, धर्मराज चौहान, संजय जायसवाल, सुखराम यादव, सच्चिदा तिवारी, अली हुसैन, पुष्पेंद्र चौबे, अशोक पासवान आदि शामिल रहे।