डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा की शुरुआत भारत से हुई है। इस पद्धति को महात्मा गांधी भी मानते थे। अपनी कई किताबों में उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जिक्र किया है। यह पद्धति अब तक हाशिए पर थी, लेकिन अब इसका प्रचार-प्रसार विदेश में किया जाएगा।
डॉ. विमल मोदी ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में सभी गंभीर मरीजों का इलाज है। इस चिकित्सा पद्धति को अब केवल वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत है। इसमें एम्स मदद करेगा। एम्स के विशेषज्ञों की टीम मॉडर्न चिकित्सा पद्धति और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज पर शोध करेगी।