अमरमणि त्रिपाठी व मधुमिता शुक्ला file pic
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कवयित्री मधुमिता हत्याकांड में 18 साल 7 माह की अपरिहार्य सजा के दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और 17 साल 9 माह की सजा में उनकी पत्नी मधुमणि ने जेल में कोई काम नहीं किया। यही वजह है कि उनका एक रुपया मेहनताना भी नहीं बना है।
जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय के मुताबिक दंपती बीमार थे। उनकी मेडिकल रिपोर्ट में आराम की बात लिखी थी। दूसरे, वह अधिकांश समय मेडिकल कॉलेज में रहे। इस वजह से उनसे काम नहीं लिया गया।
वहीं, उम्रकैद की सजा काट चुके दंपती रिहाई के बाद भी शनिवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती रहे। माना जा रहा है कि दोनों अभी कुछ दिन और वहीं रहेंगे। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही डॉक्टरों की सलाह पर घर जाएंगे। सजा होने के बाद जेल जाने पर कैदियों से कोई न कोई काम कराया जाता है। नियमानुसार इसके लिए उन्हें पारिश्रमिक भी मिलता है।