एम्स : टॉर्चर से भड़के छात्रों का देर रात तक प्रदर्शन, तहरीर दी
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर पर गंभीर आरोप लगाए और प्रदर्शन किया। एम्स परिसर से पैदल मार्च करते हुए कैंट थाने गए और तहरीर दी। तहरीर में एम्स निदेशक पर अपशब्द कहने, मारपीट करने, मोबाइल छीनने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।
देर रात तक विद्यार्थी जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन के आवास के बाहर जमे रहे। उनकी मांग थी कि जिलाधिकारी मिलकर समस्या सुनें और निजात दिलाएं। जब जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हुई तो विद्यार्थियों ने गोरखनाथ मंदिर का रुख कर लिया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जाकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आने वाले हैं। मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया जाएगा।
एम्स गोरखपुर में एमबीबीएस की कक्षाएं चल रही हैं। पहले सत्र में 50 छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। इनमें से कुछ को परीक्षा से रोक दिया। इससे नाराज 12 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करके एम्स प्रशासन से जवाब तलब किया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी होने से निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर नाराज हैं। सोमवार को निदेशक ने विद्यार्थियों को अपने कार्यालय में बुलाया और कमरे में बंद करके टॉर्चर किया। मोबाइल छीनकर रख लिया। हाथ ऊपर खड़े करके गैलरी में खड़े होने की सजा दी। एक छात्रा को अपशब्द कहा है।
इस दौरान एम्स के कुछ चिकित्सक, शिक्षक व पुलिस कर्मी मूकदर्शक बने रहे। बाद में मामले की जानकारी एम्स के दूसरे विद्यार्थियों को मिली। इसके बाद विद्यार्थी कक्षा छोड़कर बाहर आ गए। सबने उत्पीड़न का विरोध किया, लेकिन एम्स प्रशासन ने डरा-धमका कर भगा दिया। इसी का नतीजा रहा कि विद्यार्थियों ने उग्र आंदोलन का फैसला किया।
विद्यार्थियों का आरोप है कि एम्स गेट पर पहुंचे तो सुरक्षाकर्मी भिड़ गए। सुरक्षाकर्मियों ने विद्यार्थियों से मारपीट की है। दो छात्राओं को थप्पड़ मारा गया। सुरक्षाकर्मियों ने विरोध के बाद गेट खोला, फिर छात्र-छात्राएं परिसर से निकल कर मोहद्दीपुर आ गए। विद्यार्थियों ने कैंट थाने तक पैदल मार्च निकाला और थाने पहुंचकर अलग-अलग तहरीर दी। विद्यार्थियों ने निदेशक सहित एम्स प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि देर रात तक मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था। कैंट थाने से निकलकर सभी छात्र-छात्राएं जिलाधिकारी आवास के बाहर पहुंचे।
विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए जिलाधिकारी आवास के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। एडीएम सिटी ने छात्र-छात्राओं को समझाकर हॉस्टल भेजने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। देररात तक प्रदर्शन जारी रहा। मामले की सूचना पाकर कुछ छात्रों के परिजन जिलाधिकारी आवास के बाहर आ गए। सबने एम्स प्रशासन की की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। साथ ही निदेशक के व्यवहार की निंदा की है।
पैदल तय की पांच किलोमीटर की दूरी
एम्स के कैंपस से निकले छात्रों ने कैंट थाने तक पैदल मार्च किया। इस दौरान छात्रों ने पांच किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। इसमें छात्राएं भी शामिल रहीं। वह छात्र भी शामिल रहे जो प्रथम वर्ष पास कर चुके हैं। वर्ष 2019 के सभी छात्रों के एकजुट होने से एम्स प्रशासन सकते में आ गया। रात में फोन कर एम्स के शिक्षक डैमेज कंट्रोल में जुटे रहे। हालांकि एम्स प्रशासन का कोई जिम्मेदार देररात तक छात्रों के बीच नहीं दिखा।
कैंट में छात्रों ने दी तहरीर, दर्ज नहीं हुआ मुकदमा
एम्स के छात्रों ने कैंट इंस्पेक्टर से बात की। कैंट इंस्पेक्टर ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्रों ने कहा कि उनकी जान को कैंपस में खतरा है। उन्हें नजरबंद किया जा रहा है। वीडियो बनाए जा रहे हैं। निजता छीनी जा रही है। एम्स की निदेशक ने सभी का भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी है। परिसर में छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है। इन आरोपों को छात्रों ने लिखकर थाने में तहरीर दी। छात्रों का आरोप है कि कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया है। इंस्पेक्टर ने तहरीर की रिसीविंग देने से भी मना कर दिया। इसके बाद छात्र कैंट थाने से निकलकर डीएम के आवास पहुंच गए।
एडीएम पहुंचे मौके पर, सर्दी में डटे रहे छात्र
छात्रों के हंगामे की खबर मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। छात्रों के परिजनों ने अधिकारियों से बात की। गोरखपुर से लेकर दिल्ली तक परिजन सक्रिय हो गए। इसके बाद एडीएम सिटी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बात की। कुछ परिजन रात में डीएम आवास भी पहुंच गए। भीषण सर्दी में एमबीबीएस के छात्र कांपते रहे, लेकिन कदम वापस लेने को तैयार नहीं दिखे। तमाम छात्रों और उनके परिजनों ने कंबल खरीदकर ठंड से बचने का प्रयास किया, लेकिन सर्द हवाओं की वजह से राहत नहीं मिल सकी।
एक अभिभावक के घर गए सभी छात्र-छात्राएं
देर रात करीब पौने 12 बजे करीब 50 छात्र-छात्राएं गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। रात होने के कारण मंदिर के सुरक्षाकर्मी ने बताया कि गेट बंद हो चुका है। सुबह आना पड़ेगा। इसके बाद एक छात्र के अभिभावक ने सभी को अपने घर चलने के लिए कहा। एम्स नहीं जाने पर अड़े छात्र-छात्राएं उस अभिभावक के साथ चले गए। छात्रों का कहना है कि वह मंगलवार को सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला करेंगे।
छात्रों का आरोप, मोबाइल की जबरन कर रहे जांच
पुलिस को दिए शिकायती पत्र में छात्रों ने आरोप लगाया कि सोमवार को उन्हें एक-एक कर निदेशक के कमरे में बुलाया गया। निदेशक के साथ दो शिक्षक और दो पुलिसकर्मी और एक गार्ड मौजूद थे। छात्रों के मोबाइल जबरन ले लिए। जबरन सादे कागज पर अंगूठा लगवाया गया। छात्रों के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट का प्रिंट निकलवाया गया।
आरोप : कमरे में बेहोश हो गए छात्र
छात्रों का आरोप है कि टार्चर की वजह से कुछ छात्र निदेशक के कमरे में बेहोश हो गए। सेकेंड ईयर की एक छात्रा के साथ बदसलूकी की गई। उसका जीवन बर्बाद करने की धमकी दी गई। दो छात्रों को घंटों खड़ा करके रखा गया, जिस कारण दोनों बेहोश हो गए थे।
यह है मामला
मामला एम्स में वर्ष 2019 बैच के छात्रों का है। यह एम्स का पहला बैच है। इसमें 50 छात्रों ने प्रवेश लिया था। कोरोना महामारी के कारण एम्स में ऑफलाइन कक्षाएं नहीं चल सकीं। लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लासेज चली थीं। ऑफलाइन और ऑनलाइन क्लासेज को मिलाकर एम्स प्रशासन ने महज 30 छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी। बाद में आठ छात्रों को और मंजूरी दी। पहले बैच के 12 छात्र ऐसे रहे, जिनकी हाजिरी कम होने के कारण उन्हें एक साल के लिए फेल कर दिया गया। इसके विरोध में 12 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। छात्रों के सुप्रीम कोर्ट जाने की खबर लगने के बाद एम्स के अधिकारी एक्शन में आ गए हैं।
निदेशक का पक्ष नहीं मिल सका
आरोपों के संदर्भ में निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भी किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। जब भी पक्ष आएगा, प्रकाशित किया जाएगा।
अभिभावकों को किया जा रहा ई-मेल
छात्रों ने एक सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट की है। सुरक्षाकर्मी ने लिखित शिकायत दी है। कुछ छात्रों के बहकावे में बैच के सभी छात्र आ गए हैं। इस मामले में छात्रों के अभिभावकों को मेल किया जा रहा है। सबको सूचित करके बुलाया जा रहा है। अब अभिभावकों के सामने ही बात होगी।
- डॉ. गौरव गुप्ता, मीडिया प्रभारी एम्स
आरोपों की जांच की जा रही : इंस्पेक्टर कैंट
एम्स के छात्रों की तहरीर मिली है, मामले की जांच की जा रही है। आरोपों के जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।-अनिल उपाध्याय, इंस्पेक्टर कैंट