आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित दक्षिण कोरियाई कंपनी के संयंत्र में जहरीली गैस का रिसाव होने की घटना से सतर्क जिला प्रशासन ने गोरखपुर की ऐसी सभी 42 फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की जांच शुरू करा दी है जहां खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने फैक्ट्री सेफ्टी ऑफिसर को एक-एक कर इन सभी फैक्ट्रियों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीएम ने बताया कि गीडा में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, सरदारनगर में सरैया डिस्टिलरी आदि समेत जिले में स्थित कोल्ड स्टोरेज में भी अमोनिया आदि खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है। प्रशासन, सभी की जांच करा रहा है। दो दिन के भीतर सभी की रिपोर्ट आ जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सेकेंड फेज का लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही शासन के निर्देश पर जिले के 50 फीसदी उद्योग शुरू कर दिए गए थे। ऐसे में जिले में विशाखापत्तनम जैसी घटना की आशंका कम है लेकिन प्रशासन किसी की भी जान की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकता। यही वजह है कि ऐसी सभी फैक्ट्रियों की जांच शुरू करा दी गई है जहां किसी भी तरह के खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है।