कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए नाथ संप्रदाय की सर्वोच्च सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर को 31 मार्च तक बंद रखने का फैसला किया गया है। इस अवधि में सामान्य श्रद्धालु गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन नहीं कर सकेंगे।
नाथ संप्रदाय से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर बलरामपुर भी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। गोरखनाथ मंदिर प्रबंध समिति का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
साथ ही 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की बात कही है। इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया गया है। यह पहला मौका है, जब बीमारी या फिर वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए गोरखनाथ मंदिर को बंद रखने का फैसला लिया गया।
भीम सरोवर में स्नान भी प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि मंदिर प्रबंधन की तरफ से नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना की जाएगी। आरती भी होगी। दोपहर की भोग आरती और शाम की संध्या आरती भी होगी लेकिन किसी भी कार्यक्रम में सामान्य श्रद्धालु हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
इसी तरह नाथ संप्रदाय से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर बलरामपुर के सूरजकुंड में भी स्नान प्रतिबंधित रहेगा।