सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने विकास भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सुनहरी शकरकंद के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही इसे एक जिला एक उत्पाद के रूप में चयनित टेराकोटा से भी जोड़ा जाएगा। प्रयास किए जा रहे हैं कि होटलों और रेस्त्रां में इसे टेराकोटा के बर्तनों में ही परोसा जाए।
कहा कि इसकी मांग बढ़ेगी तो किसान भी इसकी खेती के लिए आगे आएंगे। इससे उनकी आय बढ़ेगी। लोगों को पोषण युक्त व्यंजन भी मिलेंगे और रोजगार का एक जरिया भी बढ़ेगा।
हॉट कुक्ड योजना व मिड डे मील में शामिल करने की तैयारी
सुनहरी शकरकंद को आंगनबाड़ी के हॉट कुक्ड योजना और परिषदीय स्कूलों के मिड डे मील योजना में भी शामिल करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामचेत चौधरी के मुताबिक 100 ग्राम सुनहरी में मौजूद 20 मिग्रा बीटा कैरोटीन हफ्ते भर के लिए जरूरी विटामिन-ए की पूर्ति कर देता है। सुनहरी में थोड़ी मात्रा में मिलने वाला एंटी आक्सीडेंट यकृत और कैंसर जैसे रोगों के रोकथाम में भी काफी मददगार है। इससे कुपोषण से भी निपटने में सहायता मिलेगी।