- शुगर और बीपी मरीजों पर हो रहा ज्यादा असर, अचानक तापमान बदलने से बढ़ रहा खतरा
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आ रहे आठ से 10 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ठंड के मौसम में शुगर और बीपी से पीड़ित मरीजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। बंद कमरे के गर्म वातावरण से अचानक ठंडी हवा में निकलने पर शरीर को झटका लगता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक और कार्डियक अटैक की आशंका बढ़ जाती है। जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले दो महीनों में सैकड़ों मरीज बीआरडी पहुंच चुके हैं।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आठ से 10 ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें अचानक बीपी बढ़ने या घटने और शुगर लेवल बिगड़ने की शिकायत हो रही है। ठंड में लापरवाही बरतने वाले मरीजों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि ठंड में खासकर वे मरीज सावधान रहें, जो बंद कमरे से सीधे बाहर निकलते हैं। इससे बीपी में अचानक बदलाव होता है और शुगर लेवल भी असंतुलित हो जाता है जो अटैक का कारण बनता है। पहले से चल रही दवाओं का नियमित सेवन बेहद जरूरी है। खाने-पीने और दिनचर्या में अचानक बदलाव शुगर व बीपी मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि ठंड में 50 उम्र पार वाले मरीजों को कुछ ज्यादा ही दिक्क्तें हो रही हैं। ठंड में नसे सिकुड़ती हैं, जो अटैक का एक कारण बनती हैं।
- बचाव के तरीके
कमरे से बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढकें।
अचानक ठंडी हवा के संपर्क में न आएं।
बीपी और शुगर की नियमित जांच कराते रहें।
दवाइयों का सेवन समय पर और नियमित करें।
ठंड में सुबह-शाम टहलने से बचें।
खानपान में संतुलन रखें, मीठा और नमक सीमित करें।
गुनगुना पानी पिएं, पर्याप्त नींद लें ।
किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।