डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि दूसरे प्रांतों, जिलों या बाहर से आकर गोरखपुर में फंसे हुए लोगों की सूची तैयार की जा रही है। शासन की तरफ से अगर इन्हें घर भेजने की कोई योजना बनती है तो यह सूची मददगार साबित होगी।
साथ ही व्यक्तिगत तौर पर बाहर फंसे लोगों तक संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात कर भोजन आदि की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मगर जब तक शासन की तरफ से कोई गाइडलाइन नहीं जारी होती, जो जहां है वहीं सुरक्षित रहे। किसी को भी जिला छोड़ने की जरूरत नहीं है।