अगर आपके पास कोई ऐसा आइडिया है जिससे विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है, तो आप पा सकते हैं 10 हजार रुपये की स्कॉलरशिप और विदेश जाने का मौका। इसके लिए आपको केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीकरण कराना होगा। कक्षा छह से 10 तक के विद्यार्थी 30 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
स्कूली छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से इंस्पायर अवार्ड की शुरुआत की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि श्रेष्ठ मौलिक, सृजनात्मक विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों में से जिसका विचार श्रेष्ठ होगा, उसका चयन जिलास्तर पर किया जाएगा।
इसके लिए विद्यार्थी के खाते में डीबीटी योजना के तहत 10 हजार रुपये सीधे जमा होंगे। इंस्पायर अवार्ड में मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थी का खाता राष्ट्रीयकृत किसी भी बैंक में रहे, आवेदन करने से लेकर चयन होने के उपरांत कम से कम तीन माह तक खाता सक्रिय रहना जरूरी है।
क्या है इंस्पायर अवार्ड योजना
सरकारी व निजी पंजीकृत स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अपने स्कूल से उच्च प्राथमिक के कम से कम तीन और माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल से कम से कम पांच विद्यार्थियों का नॉमिनेशन अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया गया है। नए सत्र 2020-21 के नॉमिनेशन 13 जुलाई से शुरू हो गए हैं, जिसमें तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान गांधीनगर गुजरात की ओर से कक्षा छह से 10 तक के स्कूली विद्यार्थियों में सृजनात्मक और नवाचारी सोच विकसित करने के उद्देश्य से इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का संचालन किया जा रहा है। यह योजना देशभर से स्कूली विद्यार्थियों के ऐसे श्रेष्ठ मौलिक, सृजनात्मक विचारों को संबल प्रदान करती है, जो कि सामाजिक आवश्यकताओं व उपयोगिता की कसौटी पर खरे उतरते हैं।
चुनिंदा बच्चों को विदेश यात्रा भी योजना में जिला स्तर पर 10 हजार व राज्य स्तर पर एक हजार विचारों का चयन किया जाएगा, जबकि देशभर में एक लाख विद्यार्थी चयनित किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित मॉडल को राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रवर्तन उत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा, जिसे राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। जो युवा वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होंगे, उन्हें नकद पुरस्कार और चुनिंदा बच्चों को विदेश यात्रा करवाई जाएगी।