गीताप्रेस की मासिक पत्रिका कल्याण अपने 95वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इसी के साथ हर वर्ष जनवरी में प्रकाशित किए जाने वाले पुस्तक के वार्षिक विशेषांक बोध कथा की प्रतियां भी पाठकों को उपलब्ध होने लगी हैं। कल्याण के इस 94वें विशेषांक की एक लाख 85 हजार प्रतियां छपकर तैयार हो चुकी हैं। हर दिन गीता प्रेस से सात हजार पुस्तकें डाक के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाई जा रही हैं।
गीता प्रेस से कल्याण पत्रिका का प्रकाशन 1926 में शुरू हुआ। पत्रिका के प्रथम संपादक भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार थे। 1982 से राधेश्याम खेमका की देखरेख में कल्याण का प्रकाशन हो रहा है। अब तक इसकी 16 करोड़ 20 लाख प्रतियां छप चुकी हैं। पांच सौ आठ पृष्ठों के इस बार के विशेषांक में महापुरुषों के बोध परख जीवन प्रसंग, प्रेरणाप्रद लघु बोध कथाएं, विभिन्न धर्म एवं संस्कृतियों की प्रेरक बोध कथाएं, लोक जीवन की बोध कथाएं, आध्यत्मिक बोध कथाएं, आर्ष साहित्यकी बोध कथाएं, कर्म सिद्धांत बोध कथाएं, नीति परख बोध कथाएं आदि शामिल हैं।