फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: बेटियों को चिकित्सा, शिक्षा व वैवाहिक योजनाओं का मिलेगा लाभ, जानिए कैसे

Mon, 08 Mar 2021 11:52 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • श्रम विभाग भी महिलाओं के लिए संचालित करता है कल्याणकारी योजनाएं
  • पंजीकृत महिला श्रमिक उठा सकती हैं इसका लाभ

 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रम विभाग में भी महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनका लाभ पंजीकृत महिला श्रमिक उठा सकती हैं। पंजीकरण उपश्रमायुक्त कार्यालय में होता है।
विज्ञापन

 
मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना
संस्थागत प्रसव की दशा में निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माह के वेतन के समतुल्य धनराशि के साथ एक हजार रुपये चिकित्सा बोनस दिया जाता है। पंजीकृत निर्माण श्रमिक के अधिकतम दो नवजात शिशुओं के लिए पौष्टिक आहार के लिए मदद मिलती है।

संत रविदास शिक्षा सहायता योजना
पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को 25 वर्ष तक अधिकतम दो बच्चों को कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक न्यूनतम 150 से दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति दी जाती है। आईआईटी प्रोफेशनल कोर्स में वार्षिक शुल्क के समान धनराशि देय होती है। कक्षा 9, 10, 11 और 12 में उत्तीर्ण बेटियों को साइकिल दी जाती है।
विज्ञापन


मेधावी छात्रा पुरस्कार योजना
मेधावी छात्रा को कक्षा पांच से लेकर उच्च शिक्षा के लिए 4 हजार से लेकर 22 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।

कन्या विवाह सहायता योजना
श्रमिकों को एक बेटी के विवाह के लिए 55 हजार और अंतर जातीय विवाह के लिए 61 हजार रुपये मिलते हैं। अगर दो बेटियों का सामूहिक विवाह कराया जाए तो 85 हजार रुपये मिलेंगे। वर और वधू के कपड़ों के लिए 14 हजार रुपये अलग से मिलते हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें