बच्ची अनन्या की मौत के बाद मां सुनीता बदहवास हो गई है। चार साल पहले पति की मौत के बाद वह किसी तरह से बच्चों का पालन पोषण कर रही है। उसके काम में बेटा रुचि नहीं लेता है, लेकिन बेटी छोटी होने के बावजूद हिसाब जोड़ने में ठीक थी और हाथ बंटाती थी। यही वजह है कि मां से हटकर वह दुकान लगाकर सब्जी बेचा करती थी। अब बच्ची की मौत के बाद मां पूरी तरह से टूट गई है। मौत की खबर के बाद आए रिश्तेदार ढांढस बंधा रहे थे।
कई दिनों से लटकी थी दीवार, मगर बेखबर थे जिम्मेदार
आसपास के लोगों का कहना है कि कई दिनों से दीवार लटकी हुई थी, लेकिन पुलिस ने भी इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। न तो सड़क किनारे सब्जी की दुकान लगाने वाली बच्ची को हटाया गया और न ही उसकी मरम्मत कराई गई। जबकि, अभी 3 जुलाई 2022 को चौकी का जीर्णोधार का काम भी किया गया था और तब तत्कालीन एसएसपी से इसका उद्घाटन भी कराया गया था, लेकिन उसकी दीवार चंद महीने भी नहीं चल पाई और एक बच्ची की जान चली गई।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि दीवार ढहने से बच्ची की मौत हुई है। प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहली कोशिश है कि परिवार को आर्थिक मदद मिले। इसके लिए डीएम से डीएम से बातचीत की गई है। परिवार को हर संभव आर्थिक मदद किया जाएगा।