गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में प्रवेश करने वालों का स्वागत जल्द ही नए स्वरूप वाले प्रवेश द्वार से होगा। गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ग्राम कालेसर स्थित जीरो पॉइंट पर एंट्री गेट के निर्माण और आसपास के क्षेत्र के सुंदरीकरण की तैयारी तेज कर दी गई है।
गीडा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि परियोजना पर आगे की कार्रवाई शुरू हो सके। गीडा की ओर से एनएचएआई के परियोजना निदेशक को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि दो जून को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में शहर के सभी प्रमुख प्रवेश बिंदुओं को आकर्षक बनाने और वहां एंट्री गेट विकसित करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कालेसर जीरो पॉइंट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एनएचएआई की अनुमति आवश्यक है।
प्राधिकरण की होगी दो वर्ष तक मरम्मत की जिम्मेदारी
गीडा प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश द्वार और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद दो वर्ष तक मरम्मत की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी। इस अवधि में निर्माण संबंधी किसी भी तकनीकी कमी का निस्तारण गीडा करेगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग-27 का नियमित रखरखाव पहले की तरह एनएचएआई के जिम्मे रहेगा। अनुमति प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) को एनएचएआई अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बोले अधिकारी
सर जीरो पॉइंट के साथ ही गीडा प्रशासन ने नौसड़ से कालेसर तक राप्ती बंधे के सुंदरीकरण की कार्ययोजना तैयार की है। इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (गंडक) को पत्र भेजकर एनओसी जारी करने का अनुरोध किया गया है।
- राम प्रकाश, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, गीडा