गोरखपुर। बिजली निगम ने 50 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया आसान कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर निर्धारित श्रेणियों में विद्युत सुरक्षा निदेशालय के निरीक्षण, अनापत्ति प्रमाणपत्र और लाइसेंस धारी बिजली ठेकेदार के कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता में छूट दी गई है। अब स्व-घोषणा के आधार पर कनेक्शन जारी किए जा सकेंगे।
इसका लाभ 50 किलोवाट तक के घरेलू, वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं निजी संस्थान, निजी नलकूप, निजी आवास निर्माण के अस्थायी कनेक्शन और बिजली वाहन चार्जिंग समेत निर्धारित श्रेणियों को मिलेगा। लिफ्ट एवं सिंचाई के कनेक्शन भी निर्धारित शर्तों के तहत इस व्यवस्था में शामिल हैं। स्व-घोषणा में उपभोक्ता को यह बताना होगा कि बिजली स्थापना मान्यता प्राप्त लाइसेंसधारी बिजली ठेकेदार से कराई गई है और वह केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण तथा भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
हालांकि 100 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने की संभावना वाले वाणिज्यिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों में कनेक्शन से पहले एनओसी और कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र जरूरी होगा। 10 या उससे अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों एवं नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, बैंक्वेट हॉल, हॉस्टल, प्रदर्शनी स्थल, थिएटर, संग्रहालय और 150 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले रेस्टोरेंट में भी सुरक्षा जांच लागू रहेगी।
दो किलोवाट से अधिक स्वीकृत भार पर अर्थ लीकेज सुरक्षा उपकरण और निर्धारित वोल्टेज के अनुसार आवश्यक अर्थिंग समेत अन्य सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य होगा। अधीक्षण अभियंता शहरी रणजीत चौधरी के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक औपचारिकताओं को कम कर उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सरल तरीके से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना है।