गीडा सेक्टर-11: घर, बिजनेस, हेल्थ केयर के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं
गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-11 में आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं के साथ ही हेल्थ केयर, शैक्षणिक और यातायात से जुड़ी कई सुविधाएं होंगी। इस सेक्टर के विकास की तैयारियां गति पकड़ने लगीं हैं। गीडा की ओर से नामित मल्टीनेशनल फर्म जेएलएल ने इस सेक्टर के 200 एकड़ के विकास का मास्टर प्लान तैयार किया है।
जेएलएल फर्म पिछले दिनों कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और सीईओ गीडा संजीव रंजन के सामने ऑनलाइन प्रेजेंटेशन दे चुकी है। कमिश्नर ने कुछ सुझाव दिए हैं। इन सुझावों पर अमल करते हुए फर्म जल्द ही मास्टर प्लान को अंतिम रूप देगी। माइक्रो मार्केट एसेसमेंट के आधार पर तैयार प्रेजेंटेशन में विकास का शुरुआती खाका तैयार किया गया है। फर्म ने अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) के लिए जगह भी सुझाई है।
गीडा ने सेक्टर-11 के 200 एकड़ के विकास की योजना तैयार की है। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के लिए जेएलएल को जिम्मेदारी दी है। जेएलएल ने पूरे क्षेत्रफल का टोपोग्राफिकल सर्वे (टोटल स्टेशन सर्वे) किया है। इसमें पूरी जमीन की स्थिति का अध्ययन किया जाता है। मसलन, जमीन कहां ऊंची है, कहां ढलान है, वाटर बाडी व नदी की स्थिति के साथ बाजार का भी सूक्ष्म अध्ययन किया गया है। इसके तहत शहर में स्थित मॉल, टावर, रीटेल स्टोर, होटल, आवासीय व औद्योगिक इकाइयों के बारे में जानकारी जुटाई गई है। ऐसी जगहों पर कितनी भीड़ जुटती है और दुकानों, रेस्त्रां का क्या किराया लिया जा रहा है। फ्लैट की क्या कीमत है आदि का विस्तृत अध्ययन किया गया है।
आईएसबीटी के लिए कालेसर उपयुक्त
फर्म ने अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए कालेसर को उपयुक्त जगह बताया है। इस जगह पर ही एनएच-27 और 24 का जंक्शन है। लोकेशन के हिसाब से भी यह काफी अहम है। कमिश्नर को भी यह जगह पसंद है। उन्होंने भी इस पर सहमति जताई है। फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर शुभम शर्मा का कहना है कि डिमांड सर्वे के बाद तस्वीर और साफ हो जाएगी।
जेएलएल ने प्रेजेंटेशन दिया है। इसमें प्राथमिक सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट रखी गई है। फर्म को कुछ और बिंदुओं पर काम करने को कहा गया है। जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।
- संजीव रंजन, सीईओ गीडा