फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: अवैध निर्माण ध्वस्त करने पहुंची जीडीए की टीम, अड़ गया परिवार- जानें फिर क्या हुआ

Tue, 13 Aug 2024 04:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

रामगढ़ताल के सामने इंदिरानगर कॉलोनी के पीछे बने मकान को ध्वस्त करने सोमवार को जीडीए की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची, लेकिन परिजनों के अड़ जाने पर घंटों नोकझोंक होता रही। अंत में जीडीए की टीम ने दो दिन में मकान खाली करने की चेतावनी दी। इसके बाद परिजन मकान से सामान निकालना शुरू कर दिए।
 
विज्ञापन
1 of 6
इन्दिरा नगर में मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए अधिकारी से बातचीत करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
रामगढ़ताल के सामने इंदिरानगर कॉलोनी के पीछे बने मकान को ध्वस्त करने सोमवार को जीडीए की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची, लेकिन परिजनों के अड़ जाने पर घंटों नोकझोंक होता रही।
विज्ञापन

2 of 6
इन्दिरा नगर में इसी मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए की टीम । - फोटो : अमर उजाला
अंत में जीडीए की टीम ने दो दिन में मकान खाली करने की चेतावनी दी। इसके बाद परिजन मकान से सामान निकालना शुरू कर दिए।

 
विज्ञापन

3 of 6
इन्दिरा नगर में मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए टीम की सूचना के बाद जुटे लोग - फोटो : अमर उजाला
गीता देवी पत्नी दयानंद चौधरी ने इंदिरानगर, बिलंदपुर में दो मंजिला मकान बनवा रखा है।

4 of 6
इन्दिरा नगर में मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए की जेसीबी - फोटो : अ
जीडीए का दावा है कि भवन प्राधिकरण के भूमि पर बनवाया गया है। इसे लेकर लंबे समय से वाद चल रहा है। प्राधिकरण से वाद खारिज होने के बाद गीता देवी शासन स्तर पर अपील कीं। वहां से वाद की सुनवाई कर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया।

 
विज्ञापन

5 of 6
इन्दिरा नगर में मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए की जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
जीडीए उपाध्यक्ष ने दोबारा सुनवाई करने के साथ 19 जून 2024 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया। निर्देश के अनुपालन में करीब दो माह बाद जीडीए की टीम सोमवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण करने पहुंची।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
इन्दिरा नगर में मकान तोड़ने पंहुचे जीडीए की टीम के साथ मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
रामगढ़ताल रोड से निर्माणाधीन ताज होटल के रास्ते जीडीए की टीम बुलडोजर लेकर मकान के पास पहुंची। इससे पूर्व ही परिवार के लोग बाहर आकर आगे बढ़ने से रोक दिए। वह मकान को खाली करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगने लगे। करीब चार घंटे की जद्दोजहद के बाद दो दिन में मकान खाली करने पर वह राजी हुए।

जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि मकान खाली करने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है। उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें