गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान तेज करने की तैयारी कर ली है। बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने वाद एवं मानचित्र अनुभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अवैध निर्माणों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने और लंबित मानचित्रों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में वाद अनुभाग की ओर से जून और जुलाई में की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार जून में 13 और जुलाई में 17 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए। वहीं, प्राधिकरण अब तक 135 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर चुका है। वर्तमान में 17 प्रकरणों में सुनवाई चल रही है जबकि 53 मामलों में ध्वस्तीकरण आदेश पारित हो चुके हैं या प्रक्रिया में हैं। जीडीए ने अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के खिलाफ आगे भी विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। इसके तहत अलग-अलग तिथियों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मानचित्र अनुभाग की समीक्षा में शमन मानचित्रों से मिलने वाले राजस्व की भी जानकारी दी गई। जून में 10 शमन मानचित्रों की स्वीकृति से 22.41 लाख रुपये और जुलाई में 23 शमन मानचित्रों की स्वीकृति से 1.86 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और शमन मानचित्रों की संख्या बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
फास्टपास पोर्टल की पेंडेंसी होगी शून्य
समीक्षा बैठक में सभी अवर अभियंताओं को अपने क्षेत्र की साप्ताहिक कार्ययोजना तैयार कर मामलों का दिनवार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक अवैध कॉलोनियों और निर्माणों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि फास्टपास पोर्टल पर लंबित सभी मानचित्रों का तत्काल निस्तारण कर पेंडेंसी को शून्य किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों पर सख्ती के साथ-साथ नियमानुसार मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाना प्राधिकरण की प्राथमिकता है।