बता दें कि असुरन पोखरा की जमीन पर मकान बनाने वालों को सदर तहसील प्रशासन की तरफ से नोटिस भेजने के बाद बदले में भूखंड देने की प्रक्रिया चल रही है। लोगों को पोखरे की जमीन बेचने वाले ऋषभ जैन की तरफ से समझौते के मुताबिक तहसील प्रशासन को छह भूखंडों का प्रस्ताव दिया जा चुका है।
इसमें से चार प्रस्ताव को नकार दिया गया है, जबकि दो की तहसील प्रशासन पड़ताल कर रहा है। इसी बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल की संस्तुति पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने पोखरे की जमीन पर निर्माण के लिए मानिचत्र स्वीकृत करने वालों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करने के लिए जीडीए के वीसी को पत्र लिखा है।
जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने कहा कि कमिश्नर के निर्देश पर मामले की जांच कराई जा रही है। असुरन पोखरा क्षेत्र में तीन नक्शे दाखिल हुए थे, तीनों खारिज कर दिए गए थे। पिछली दोनों महायोजनाओं में क्या स्थिति थी, इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। जल्द ही कमिश्नर को रिपोर्ट दी जाएगी।