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गोरखपुर जीडीए का दावा, असुरन पोखरे की जमीन पर नक्शा पास नहीं किया

Thu, 11 Feb 2021 10:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • वर्ष 2004, 2010 और 2017 में तीन आवेदन आए थे, जिन्हें खारिज कर दिया गया था : जीडीए
  • कमिश्नर की सख्ती के बाद प्राधिकरण ने शुरू की जांच, दोनों महायोजना की भी होगी पड़ताल

 
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गोरखपुर में असुरन पोखरा मामले में एक नया तथ्य सामने आया है। कमिश्नर की सख्ती के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने दावा किया है कि असुरन पोखरे की जमीन पर हुए निर्माण में किसी का भी मानचित्र प्राधिकरण ने स्वीकृत नहीं किया है।

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प्राधिकरण के इस दावे के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि फिर निर्माण कैसे हो गया? इन्हें रोका क्यों नहीं गया? वहीं, एसडीएम सदर के साथ मौके पर मकान बनाने वालों का कहना है कि कई मकानों के मानचित्र स्वीकृत हैं।
 
जानकारी के अनुसार, जीडीए की अब तक की जांच में सामने आया है कि असुरन पोखरा के दायरे में कोई नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया था। तीन नक्शे अलग-अलग समय 2007, 2010 और 2017 में स्वीकृत करने के लिए जमा किए गए थे, जिन्हें खारिज कर दिया गया था।
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असुरन पोखरे की जमीन बहुत पहले 1359 फसली के तहत तालाब के रूप में दर्ज थी, लेकिन कुछ समय बाद इसे संक्रमणीय भूमि में बदल दिया गया। किन स्थितियों में इस भूमि को संक्रमणीय किया गया, इसकी जांच की जाएगी। प्राधिकरण असुरन पोखरा मामले में पिछली दो महायोजनाओं के दस्तावेज की भी जांच कर रहा है। मसलन, महायोजना में उक्त जमीन का नंबर क्या है। कहां जलाशय है, कहां पोखरा और कहां पार्क।

 

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कार्रवाई करने के लिए जीडीए के वीसी को लिखा पत्र

बता दें कि असुरन पोखरा की जमीन पर मकान बनाने वालों को सदर तहसील प्रशासन की तरफ से नोटिस भेजने के बाद बदले में भूखंड देने की प्रक्रिया चल रही है। लोगों को पोखरे की जमीन बेचने वाले ऋषभ जैन की तरफ से समझौते के मुताबिक तहसील प्रशासन को छह भूखंडों का प्रस्ताव दिया जा चुका है।

इसमें से चार प्रस्ताव को नकार दिया गया है, जबकि दो की तहसील प्रशासन पड़ताल कर रहा है। इसी बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल की संस्तुति पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने पोखरे की जमीन पर निर्माण के लिए मानिचत्र स्वीकृत करने वालों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करने के लिए जीडीए के वीसी को पत्र लिखा है।   

जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने कहा कि कमिश्नर के निर्देश पर मामले की जांच कराई जा रही है। असुरन पोखरा क्षेत्र में तीन नक्शे दाखिल हुए थे, तीनों खारिज कर दिए गए थे। पिछली दोनों महायोजनाओं में क्या स्थिति थी, इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। जल्द ही कमिश्नर को रिपोर्ट दी जाएगी। 
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