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Gorakhpur News: सीएम का ओएसडी-मंत्री बताकर जालसाजी करने वाली किन्नर चांदनी व साथी पर गैंगस्टर

Tue, 17 Oct 2023 10:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

चांदनी ने मुख्यमंंत्री का ओएसडी बनकर एसएसपी तक को फोन कर दिया था। उसके बातचीत के लहजे से ही वह समझ गए थे और फिर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो उसकी जालसाजी सामने आ गई। झंगहा पुलिस ने आरोपी को 24 अगस्त 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि, उसका साथी फरार था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गोरखपुर में सीएम का ओएसडी तो कभी खुद मंत्री या फिर पीए बताकर आम लोगों से ठगी करने वाली चांदनी उर्फ चंदन उर्फ पुष्पा किन्नर और उसके साथी अशोक यादव का चालान पुलिस ने गैंगस्टर में भी कर दिया है। डीएम से अनुमोदन के बाद झंगहा पुलिस ने गिरोहबंद करने की कार्रवाई की है। हालांकि, उसका साथी अभी फरार है। वह देवरिया के गौरीबाजार का रहने वाला है।

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जानकारी के मुताबिक, बलिया जिले के रसड़ा का रहने वाली चांदनी आर्थिक लाभ के लिए मोबाइल फोन से अपने आपको किन्नर समाज का अध्यक्ष, डीजीपी का पीए या मंत्री रसद विभाग का पीए, मुख्यमंत्री का ओएसडी बताती थी। नौकरी ट्रांसफर, विवादित जमीन से संबंधित कार्य आदि को कराने के लिए जिले के पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके और संबंधित थानेदारों को घुड़की देती थी। नियुक्ति रजिस्टर से थानाध्यक्ष का पूरा डिटेल नोट करना और उसको अर्दब में लेने के लिए ट्रांसफर की धमकी भी देती थी।

पुलिस के मुताबिक, चांदनी अपने साथी के साथ मिलकर राजस्व विभाग का मोबाइल नंबर गूगल प्लेटफॉर्म से हासिल कर लेती थी। फिर फोन कर दबाव डालकर जालसाजी कर वसूली करती थी। स्वयं दो से तीन आवाज निकाल कर कई मोबाइल नंबरों से बात करती थी, नंबर ट्रूकॉलर पर सचिवालय, मंत्री, पुलिस, डीजीपी कार्यालय आदि लिखकर आता था, जिससे जो व्यक्ति बात करता था, वह झांसे में आ जाता था।
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एसएसपी को फोन करने के बाद पकड़ी गई थी चांदनी

चांदनी ने मुख्यमंंत्री का ओएसडी बनकर एसएसपी तक को फोन कर दिया था। उसके बातचीत के लहजे से ही वह समझ गए थे और फिर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो उसकी जालसाजी सामने आ गई। झंगहा पुलिस ने आरोपी को 24 अगस्त 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि, उसका साथी फरार था।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री का ओएसडी या फिर मंत्री का पीए बताकर जालसाजी करने वाली चांदनी और उसके साथी को गिरोहबंद कर दिया गया है। डीएम के अनुमोदन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। अब पुलिस अवैध कमाई से अर्जित इनकी संपत्ति का ब्योरा जुटाएगी और उसे कुर्क कराया जाएगा।



 
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