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Gorakhpur News: गणेश उत्सव आज से,पंडालों में स्थापित हुई प्रतिमा-अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमाएं होंगी विसर्जित

Sat, 07 Sep 2024 10:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गणेश प्रतिमा स्थापित करने ले जाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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 गणेश चतुर्थी शनिवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन से गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। इसको लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित हो रही है। लोग घरों में भी गणेश प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना करेंगे। हर तरफ गणपति बप्पा मोरया गूंजेगा।

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लगातार दस दिनों तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना पांडालों में सुबह-शाम की जाएगी। 17 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की भव्य शोभा यात्रा निकालकर प्रतिमा विसर्जित की जाएगी।

महानगर के पांडेयहाता मेें 18 वर्ष से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। श्री सिद्धिविनायक सेवा संस्थान के महामंत्री संदीप गुप्ता ने बताया कि गणेश उत्सव को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। भगवान गणेश की प्रतिमा गोरखनाथ से मंगाई गई है। इसके अलावा रिद्धि-सिद्धि की भी प्रतिमा पांडाल में स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रतिष्ठित किया जाएगा। इसके बाद भोग व आरती होगी।
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गणेश प्रतिमा खरीदते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके साथ ही शहर के मिर्जापुुर में भी गणेश प्रतिमा स्थापित हो गई है। सार्वजनिक गणेश उत्सव मंडल मिर्जापुर के अध्यक्ष नीरज कुशवाहा ने बताया कि 10 वर्षों से हम गणेश उत्सव का आयोजन कर रहे हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा पांडाल में स्थापित की गई है।

गणेश प्रतिमा देखने में काफी आकर्षक लग रही है। प्रतिमा में भगवान गणेश के साथ भगवान शिव भी विराजमान दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि गणेश उत्सव का इंतजार रहता है। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना से मन प्रसन्न हो जाता है।

कच्चीबाग में पिछले 21 वर्षों से पूर्वांचल गणपति महोत्सव के तहत स्थापित की जा रही गणेश प्रतिमा के बारे में कमेटी के अध्यक्ष सुनील कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष प्रतिमा लाल बाग के राजा की तर्ज पर बनाई जा रही है और इसकी ऊंचाई 12 फीट होगी।

शहर के विभिन्न स्थानोें पर रखी जाएगी प्रतिमा
गणेश उत्सव को लेकर शहर के प्रमुख स्थानों व मोहल्लों में रखी जाएगी। बड़ी मूर्ति पांडेयहाता तथा मिर्जापुर में होती है। इसके साथ ही असुरन के विष्णु मंदिर, माया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के बाहर, पादरी बाजार, कुनराघाट, गोरखनाथ, घसीकटरा, कच्चीबगीय, धर्मशाला और किराना मंडी सहित अन्य मोहल्लों में भी रखी जाएगी।
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गणेश प्रतिमा स्थापित करने ले जाते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भगवान गणेश का इस दिन हुआ था जन्म
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार गणेश चतुर्थी शनिवार को है। इस दिन सूर्योदय 5 बजकर 48 मिनट पर और चतुर्थी तिथि का मान दिन में 2 बजकर 5 मिनट तक है। इस दिन मध्याह्न काल में चतुर्थी तिथि होने से वैनायकी वरद् चतुर्थी व्रत और पूजन इसी दिन होगा।

पुराणों में कहा गया है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न समय विघ्न विनायक भगवान श्रीगणेश जी का जन्म हुआ था। इस दिन यदि मंगलवार या रविवार हो तो अत्यंत प्रशस्त माना जाता है। वैसे शनिवार का योग भी महान फल देना वाला है।

गणेश जी सनातन धर्मावलंबियों के पंच देवताओं में भगवान गणेश प्रमुख हैं। सनातन हिन्दू परिवार में चाहें कोई पूजा हो, सर्वप्रथम गणेश का आवाहन और पूजन पहले किया जाता है। शुभ कार्यों में गणेश की स्तुति का अत्यंत महत्व माना गया है गणेश विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं। इनका मुख हाथी का है।

उदर लंबा है तथा शेष शरीर मनुष्य के समान है। मोदक इन्हें विशेष प्रिय है। महाराष्ट्र में गणेश पूजा बंगाल के दुर्गा पूजा की तरह एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में प्रतिष्ठित है। जो जनपद में भी अब धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के लिए व्रत का विधान है। दिन भर व्रत पूजा-अर्चना के बाद सायंकाल भोजन करना चाहिए।
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