समूह की तरफ से लगातार गोरखपुर विकास की तरफ बढ़ता चले, यही प्रयास रहा है। बताया कि वर्ष 1980 में उन्होंने अकेले एक लाख रुपये निवेश के साथ समूह के व्यापार को शुरू किया था, जो आज 40 वर्षों में दो हजार करोड़ से अधिक निवेश के साथ उत्तर प्रदेश और गुजरात में काम कर रहा।
उन्होंने बताया कि इन इकाइयों में तीन हजार नियमित कर्मचारी और अप्रत्यक्ष रूप से 25,000 व्यक्तियों का भरण पोषण संभव हो पा रहा। कहा कि सभी दस्तावेजों को आयकर की टीम अपने साथ लेकर गई है। अगर आयकर विभाग की तरफ से व्यापार के सापेक्ष लंबित कर का निर्धारण किया जाएगा तो समूह उसमें भी पूरा सहयोग करेगा।
गोरखपुर के विकास में खपा दी पूरी ऊर्जा
चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने अतीत से अभी तक की अपनी कहानी भी साझा की। बताया कि गोरखपुर में 80 से 90 के दशक में अपराध का बोलबाला था। ऐसे हालात देखकर बड़ा मानसिक कष्ट होता था। आने वाले समय में पीढ़ियों को बेहतर गोरखपुर कैसे मिल पाएगा, इसकी चिंता होती थी। गोरखपुर के विकास के साथ यहां के लोगों के लिए रोजगार का अवसर पैदा करने का सपना तभी से था। ऐसे में दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ अपनी सारी ऊर्जा गोरखपुर में ही खपाई और गैलेंट समूह को स्थापित किया।