एक अनुमान के मुताबिक गोरखपुर में 350 करोड़ रुपये की पूंजी से करीब 15000 लोगों को रेडीमेड सेक्टर में रोजगार मिला है। सरकार का मानना है कि इतने कम निवेश पर अन्य क्षेत्र में इतना रोजगार मिलना संभव नहीं है। इसे देखते हुए एमएसएमई के जरिए रेडीमेड गारमेंट के परंपरागत उद्यम से सरकार 50000 लोगों को रोजगार दिलाने की तैयारी में है।
कोरोना की दूसरी लहर के पहले तक गोरखपुर में 500 करोड़ रुपये के रेडीमेड गारमेंट्स की खपत, यहीं तैयार कपड़ों से हो रही थी। तब बाजार में 2000 करोड़ रुपये के रेडीमेड गारमेंट का उत्पादन बाहर के उद्यमी कर रहे थे। सरकारी प्रयासों से बढ़ावा मिलने पर बाहर से होने वाली आपूर्ति यहीं के उत्पादन से हो सकेगी।
रेडिमेड गारमेंट यूनिट लगाने पर ओडीओपी में 20 लाख तक का अनुदान
ओडीओपी के तहत रेडीमेड गारमेंट यूनिट लगाने पर सरकार 20 लाख रुपये तक का अनुदान दे रही है। यूनिट लगाने के लिए आवेदन करने पर किसी भी राष्ट्रीयकृत या अन्य शेड्यूल्ड बैंक से लोन मिल सकता है। लोन के सापेक्ष सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन (एमएसएमई) विभाग की ओर से मार्जिन मनी की धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है।
25 लाख रुपये तक की लागत वाली इकाइयों के लिए कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये में से जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रूप में देने की व्यवस्था है। इसी प्रकार 1.5 करोड़ से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत या अधिकतम 20 लाख रुपये में से जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रूप में दी जाएगी।