पकड़े गए जालसाजों की पहचान बांसगांव के टिकरी बुजुर्ग निवासी दीपक कुमार, पीड़िया निवासी रतन लाल, कटवर निवासी संदीप यादव और खजनी के कठैइचा बिंदन निवासी राजेंद्र यादव के रूप में हुई है।
सुनार की मदद से तैयार कराते थे सिक्का
एसएसपी ने बताया कि जालसाज एक सुनार से नकली सिक्के के ऊपर सोने की परत चढ़वा देते थे। सिक्के को इतनी बारीकी से तैयार कराया जाता था कि बिना रगड़े उसकी असलियत जाननी आसान नहीं होती। सोने के सिक्के को राजेंद्र ने सराफ संतोष को दिखाया था। जबकि देते समय संदीप, रतन और दीपक भी साथ थे।
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चिल्ड्रेन नोट देकर ठगी करने वाले थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले ये लोग किसी से असली नोट लेकर चिल्ड्रेन नोट की गड्डी देकर ठगी करने वाले थे। लेकिन, तभी पकड़े गए। चिल्ड्रेन नोट की गद्दी के ऊपर दोनों तरफ 200 या 500 के नकली नोट लगा दिए जाते थे और फिर ठगी करते थे।