एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर व एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किए। एसएसपी ने बताया कि शंकर साहनी ने राजू से एक हजार रुपया कुछ महीने पहले उधार लिया था। अब राजू के पास शराब पीने के लिए पैसे नहीं थे। इस वजह से वह शंकर से उधार दिए रुपये वापस मांग रहा था।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में कई घटनाएं आईं सामने: अपरिचित रोके या पांव छूए तो रहे सजग, हो सकते हैं लुटेरे
उसने कहा कि रुपये नहीं दे सकते हो तो आज शराब ही पिला दो। 18 अगस्त को शराब के लिए कई बार कहने के बाद भी शंकर ने न तो रुपये ही दिए, न ही शराब ही पिलाई। इसके बाद शंकर 18 अगस्त की रात में खुद शराब पीने गया था। उसे शराब पीता देख राजू को गुस्सा आ गया और उसने एक बार फिर अपने रुपये की मांग की। लेकिन, उसने गाली देते हुए भगा दिया था।
इसके बाद राजू उसके पीछे चाकू लेकर लग गया। रास्ते में दोनों की मारपीट हो गई। क्योंकि शंकर शराब के नशे में था, इस वजह से वह बहुत विरोध नहीं कर पाया और खेत में गिर गया। इसके बाद राजू ने शंकर के गले पर चाकू से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद अगली सुबह उसने परिवार वालों को बता दिया कि संदीप से उसका झगड़ा हुआ था, उसने ही हत्या की होगी।
इसे भी पढ़ें: दो दिवसीय राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का हुआ समापन, सीएम योगी ने पहलवानों को किया सम्मानित
इसके बाद घरवालों को शक हुआ, लेकिन पुलिस से उन्होंने राजू पर ही शक जाहिर किया। जांच के दौरान राजू की गतिविधि संदिग्ध लगने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने जुल्म कबूल करते हुए घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद करा दिया।