ठेकेदार ने इस मामले की जानकारी मोबाइल फोन से एडीजी जोन व एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ को दी। इसका संज्ञान अफसरों ने लिया तो सरकारी फेसबुक आईडी के हैक होने की जानकारी मिली। इससे हड़कंप मच गया। एडीजी ने मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने कहा कि फेसबुक एकाउंट हैक कर लोगों से रुपये मांगने की जानकारी मिली है। यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। निर्देश देकर साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया है। साइबर एक्सपर्ट जांच कर रहे हैं। जल्द ही जालसाज पुलिस के गिरफ्त में होंगे। लोगों से अपील है कि कोई भी उनके नाम पर रकम मांगता है तो उन्हें फोन पर सूचना दें।
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जिले में पहले भी जालसाज कई पुलिसवालों का एकाउंट हैक कर चुके हैं। क्राइम ब्रांच के सिपाही सनातन सिंह का एकाउंट हैक करके पैसा मांगा जा चुका है।
- 15 अप्रैल 2020 को गोरखनाथ थाने के मंदिर चौकी पर तैनात सिपाही अनिल सिंह का फेसबुक एकाउंट हैक कर जालसाजों ने इमरजेंसी बताकर पार्षद दल के उपनेता व हिंदु युवा वाहिनी के महानगर संयोजक ऋषिमोहन वर्मा से बीस हजार रुपये मांगे थे।
- 14 दिसबंर 2019 को जालसाजों ने लखनऊ के एक थाने के इंस्पेक्टर, हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता व गोला के एक भाजपा नेता का एकाउंट हैक कर रुपये मांगे थे। इंस्पेक्टर की आईडी हैक कर तीस हजार, अधिवक्ता की आईडी हैक कर बीस हजार और भाजपा नेता की आईडी हैक कर दस हजार रुपये मांगे गए थे।
- गोरखपुर में तैनात एसडीओ विवेक सिंह की आईडी हैक कर दो लोगों से बीस व दस हजार रुपये मांगे थे। जानकारी होने पर एसडीओ ने कैंट थाने में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। इसके अलावा भाजपा नेता प्रदीप शुक्ला, शाहपुर के प्रशांत शुक्ला की आईडी हैक कर लोगों से रुपये मांगे जा चुके हैं, जिसका केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा कई केस और हैं जब फेसबुक आईडी हैक कर जालसाजों द्वारा मैसेंजर के जरिए मैसेज कर जिले के लोगों से रुपये मांगे गए थे।