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Gorakhpur News: जालसाजों ने 1.58 करोड़ की ठगी के लिए बनाए खातों के जाल

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गोरखपुर। डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने कैंट थाना क्षेत्र के कैनाल रोड निवासी डॉ. मंजुला श्रीवास्तव से 1.58 करोड़ रुपये ठग लिए। जांच में सामने आया कि जालसाजों ने रकम को मल्टीपल खातों में ट्रांसफर कर सबूत छिपा दिए और खाता फ्रिज होने से पहले ही कई खातों का जाल बुन लिया।
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जालसाजों ने खुद को एटीएस, एनआईए और ईडी का अधिकारी बताकर पीड़िता को मानसिक दबाव में रखा। उन्हें यह धमकी दी गई कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस जाएंगी। इसके बाद नौ दिन तक वीडियो कॉल के जरिये पीड़िता की निगरानी की गई और उसे विभिन्न खातों में रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की है। शुरुआती जांच में पता चला कि जालसाजों ने नौ दिन के भीतर 18 अलग-अलग खातों में रकम मंगाई, और इसके बाद उन्हें लगभग 50 अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस तरीके से उन्होंने अपने गुनाह के सबूत छुपा लिए और किसी भी बैंक खाते के फ्रिज होने से पहले ही जाल बुन लिया।
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साइबर थाना प्रभारी राशिद खान का है कि जालसाजों ने रकम को इस तरह विभाजित किया कि ट्रेस करना मुश्किल हो गया। यह एक जटिल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क था, जिसे डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर बनाया गया। पुलिस का कहना है कि खाता ट्रांसफर और वीडियो कॉल का रिकॉर्ड अब जांच का मुख्य आधार है।
इधर, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जालसाजों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है। अधिकारियों ने चेताया है कि डिजिटल अरेस्ट या ई-नोटिस के नाम पर कोई भी व्यक्ति कभी भी बिना जांच किए किसी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।

शहर में पहले भी आ चुके हैं डिजिटल अरेस्ट के मामले
- 24 मई 2024 : सिविल लाइंस के एक स्कूल की प्रिसिंपल को डिजिटल अरेस्ट करके 12.56 लाख जालसाजी।

- 15 मई 2024 : शहर की एक कंपनी के मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट करके 14.96 लाख रुपये जालसाजी।
- 31 जुलाई 2024 : को शाहपुर के हरिद्वारपुर कॉलोनी निवासी रिटायर बैंककर्मी ऑलविन अरविंद बर्नाड से जालसाजी की कोशिश की गई।
- 7 अगस्त 2024 : रामगढ़ताल इलाके में रहने वाले रिटायर हेल्थकर्मी को डिजिटल अरेस्ट करके 30 लाख वसूले गए।
- 8 अगस्त 2024: सिद्धार्थ इंक्लेव निवासी विजयेंद्र कुमार पांडेय को चार दिन डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख की ठगी।
- 29 सितंबर 2024: कैंट इलाके के 80 वर्षीय डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट किया गया, इससे तबीयत बिगड़ गई थी।
- 11 अगस्त 2025: गोरखनाथ के इंद्रजीत शुक्ला को 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख की ठगी।

जालसाजी हो जाए तो यहां करें शिकायत
साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही नजदीकी पुलिस स्टेशन पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं।
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