तारामंडल निवासी निकिता दुबे ने पुलिस को बताया कि पांच जुलाई को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाली ने अपना नाम प्रियंका बताते हुए खुद को एक कंपनी का एचआर बताया। उसने घर बैठे बिना अनुभव के काम करने और अच्छी कमाई का झांसा दिया। आरोप है कि युवती को एक लिंक भेजकर टेलीग्राम पर ब्रेन वर्क्स इंडिया नाम के ग्रुप से जोड़ा गया। वहां होटल को पांच सितारा रेटिंग देने और स्क्रीनशॉट भेजने का काम दिया गया।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय युवती को साइबर ठगों ने घर बैठे नौकरी देने का झांसा देकर 7.40 लाख रुपये की चपत लगा दी। जालसाजों ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिये युवती से संपर्क किया और एक ने खुद को कंपनी का एचआर बताकर फ्रीलांस काम का ऑफर दिया।
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इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर निवेश के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। पीड़िता की तहरीर पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने मंगलवार रात प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तारामंडल निवासी निकिता दुबे ने पुलिस को बताया कि पांच जुलाई को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया था।
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मैसेज भेजने वाली ने अपना नाम प्रियंका बताते हुए खुद को एक कंपनी का एचआर बताया। उसने घर बैठे बिना अनुभव के काम करने और अच्छी कमाई का झांसा दिया। आरोप है कि युवती को एक लिंक भेजकर टेलीग्राम पर ब्रेन वर्क्स इंडिया नाम के ग्रुप से जोड़ा गया।
वहां होटल को पांच सितारा रेटिंग देने और स्क्रीनशॉट भेजने का काम दिया गया। शुरुआत में प्रत्येक रेटिंग के बदले 40 रुपये दिए गए जिससे युवती को भरोसा हो गया। इसके बाद ठगों ने निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया।
पहले दो हजार रुपये जमा कराने पर रकम वापस करने का भरोसा दिलाया गया। विश्वास में आने के बाद युवती ने 15 हजार, आठ हजार, 50 हजार, 2.24 लाख और 4.21 लाख रुपये समेत कुल 7.40 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।
रकम निकालने पर खुला ठगी का राज
रुपये जमा करने के बाद जब युवती ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो खाते में शून्य बैलेंस दिखा। इसके बाद जालसाजों ने छह लाख 49 हजार रुपये और जमा करने की मांग की। बदले में करीब 21 लाख रुपये मिलने का लालच दिया गया।
इस पर युवती को साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान तथा संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- अंजान नंबर से आने वाले नौकरी, निवेश या कम समय में अधिक लाभ के ऑफर से सावधान रहें। - किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
- ऑनलाइन भुगतान या बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। - साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें और नजदीकी साइबर थाने को सूचना दें।