फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: विदेश भेजने के नाम पर ठगी- 40 युवा नौकरी के लिए गए थे ओमान, घर से रुपये मंगवा 32 वापस लौटे

Sun, 17 Mar 2024 12:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो. गोरखपुर

सार

युवाओं को ओमान के होटल में अच्छे पैकेज का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुशीनगर और पीलीभीत के रहने वाले दो जालसाजों ने गोरखपुर मंडल के 40 युवाओं को ओमान भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

युवाओं को ओमान के होटल में अच्छे पैकेज का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुशीनगर और पीलीभीत के रहने वाले दो जालसाजों ने गोरखपुर मंडल के 40 युवाओं को ओमान भेज दिया।
विज्ञापन


वहां उन्हें नौकरी की बजाय बंधक बना लिया गया। उनके परिजनों से वापसी के लिए फिर से 90-90 हजार की रकम वसूली गई। वापसी के लिए रकम वसूलने के बाद भी ओमान में आठ युवा फंसे हुए हैं।

अब स्थिति यह है कि अपनों की वतन वापसी के चक्कर में परिजन कर्जदार हो गए। वहां फंसे आठ युवकों के परिजन परेशान हैं। कुशीनगर के पीड़ित करीब दस युवकों ने मुख्यमंंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा है। इसके अलावा गोरखपुर एसएसपी और कुशीनगर के एसपी दफ्तर में भी प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
विज्ञापन


पीड़ित युवाओं ने दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र के तुलसीपुर रहने वाले एक युवक से कुशीनगर के पदरी निवासी व्यक्ति ने मुलाकात कराई। दोनों ने बताया कि ओमान में एक नया होटल खुल रहा है, उसमें नौकरी करनी है तो लगवा सकते हैं। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के करीब 40 युवा तैयार हो गए। सभी से एक लाख पचास हजार की धनराशि विदेश में नौकरी देने के लिए जमा कराया गया।

इसके बाद सभी को ओमान पहुंचा दिया गया। तब इन दोनों ने युवाओं को वहां एक रूम में रखवा दिया और खाना खाने तक की व्यवस्था नहीं की। फिर उन्हें छोड़कर वहां से चले गए। पीड़ित उन्हें फोन करते तो वे बहाने बनाते हुए कहते कि आज आएंगे, कल आएंगे। कुछ दिनों तक सभी भूखे रहे। फिर अपने-अपने घरों से रुपये मंगाकर खाने की व्यवस्था की।
 


इसी दौरान आरोपियों में से एक युवक गायब हो गया। दूसरे ने पूछने पर बताया कि वह भारत गया है और होटल खुलने में थोड़ा समय है, लेकिन 90-90 हजार रुपये और चाहिए। फिर युवाओं ने रुपयों की व्यवस्था की। इसके बाद दूसरा आया और बोला कि उसका हिस्सा 90-90 हजार था, आपने दूसरे को दिया तो वह क्या करे। बाद में पीड़ित किसी तरह से वापस आए।

पीड़ित कौशल पटेल, लक्की सिंह, कुशहरनाथ यादव, दुर्गेश यादव, गृजेश शुक्ला, प्रदीप कुमार, मुन्ना दुबे ने संयुक्त रूप से शिकायत की है।
विज्ञापन


ये हैं विदेश भेजने वाली वैध कंपनियां
अनुजतेच ओवरसीज अशोक गोदाम रोड, गोरखपुर मैनपावर एसोसिएट्स अशोक गैस गोदाम रोड, एडवांसटेक मैनपावर ओवरसीज गोवा मंडी गोलघर, सत्या इंटरनेशल मैनपावर एजेंसी रुस्तमपुर, ग्लोबल एसोसिएट्स महादेव झारखंडी, यूनाइटेड मैनपावर जंगल सिकरी खोराबार, ग्लोबन वेलडिंग ट्रेडिंग रेलवे लाइन कूड़ाघाट, आरजे इंटरनेशल सर्विस मेडिकल रोड, कबीर जी इंटरनेशनल सिघड़िया, विजन मैनपावर चौरीचौरा, हरिओम एसोसिएट इंजीनियरिंग कॉलेज और परफैक्ट ग्रुप इंजीनियरिंग कॉलेज वैध संस्था है।



विदेश जाना हो तो ये करें
ई-माइग्रेट पोर्टल पर पंजीकृत भर्ती एजेंटों के माध्यम से ही विदेश जाने के लिए आवेदन करें।
विदेश में नौकरी के लिए पहले विदेशी नियोक्ता अधिपत्र का विवरण प्राप्त कर लें।

विदेश में रोजगार के लिए रोजगार वीजा पर ही यात्रा करें।
ई-माइग्रेट पोर्टल के ये हैं फायदे

विदेश जाने/रहने वाले व्यक्ति का महत्वपूर्ण डाटा ऑनलाइन लिया जाता है।
विदेशी नियोक्ता और पंजीकृत एजेंट, दोनों ही सत्यापित होते हैं।

ई-माइग्रेट की मदद से विदेश जाने पर जालसाजी की आशंका नहीं रहती।
इसके माध्यम से विदेश जाने पर 10 लाख का बीमा लाभ भी मिलता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें