गोरखपुर में मानबेला में प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम 2.70 लाख रुपये की जालसाजी करने के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने खुद को जीडीए का कर्मचारी बताकर झांसा दिया था। कूटरचित रसीद भी पीड़ित को दी थी। मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में शिकायत के बाद गोरखनाथ पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की है।
गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले रविंद्र भारती, सलेहा खातून, जैबुन निशा, पूनम, धुप लाल, अजोरी और किरन ने मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में दिए प्रार्थनापत्र में लिखा था कि मानबेला में बने प्रधानमंत्री आवास के लिए उन्होंने आवेदन किया था।
खुद को गोरखपुर विकास प्राधिकरण का कर्मचारी बताने वाले हरसेवकपुर निवासी चंद्रशेखर भारती, सोनू गुप्ता और अरुण ने आवास दिलाने के नाम पर 2.70 लाख रुपये ले लिए। झांसा देने के लिए कूटरचित दस्तावेज दे दिया।
आवास न मिलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगना शुरू किया तो आनाकानी की जाने लगी। अब जान से मारने की धमकी दी जा रही है। गोरखनाथ पुलिस ने केस दर्ज कर रविवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया।