मीरा सास को अपने साथ घर लेकर चली गई। बहू के मुताबिक जब बेटियों को पता चला तो वह धनवती की हत्या करने की कोशिश करने लगीं और बहू मीरा देवी को भी मारा पीटा। असफल होने पर बेटियां जबरन बूढ़ी मां को अपने साथ लेकर जाने लगीं जिस पर गांव के लोगों ने विरोध किया और धनवती उर्फ धनावती को तहसीलदार के पास लाकर पेश किया।
इस पर धनवती की दोनों बेटियों ने तहसील मे हंगामा कर मारपीट पर उतारु हो गईं। जिससे मामला बिगड़ते देख तहसीलदार शशि भूषण पाठक ने पुलिस को बुलाया और हंगामा करने वाली बेटियों को पकड़ने को कहा। पुलिस के आते देख एक बेटी श्रीमती तहसील से फरार हो गई जबकि दूसरी बेटी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसका शांति भंग मे चालान कर दिया।
उधर पुलिस ने धनवती को स्थानीय सीएचसी पर इलाज हेतु उसकी बहू मीरा एवं नातिन रूपा के साथ भेज दिया जहां से देर शाम इलाज कर रहे डा.अंकुर कुमार सिंह ने बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। बहू मीरा सास को लेकर गोरखपुर चली गई।
इस मामले में तहसीलदार ने कहा कि फर्जी वरासत मे लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक की भूमिका एवं संलिप्तता के आरोप के मामले मे जांच कराई जाएगी और दोषी मिलने पर कारवाई की जाएगी। उधर इंस्पेक्टर सूर्यभान सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। आगे की कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी।