सरदारनगर(गोरखपुर)। प्रयागराज में किराए का कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले चार युवकों से जालसाजों ने नौकरी के नाम पर 48.34 लाख रुपये ठग लिए। युवकों को सचिवालय और हाईकोर्ट इलाहाबाद में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। मामले में एसएसपी के निर्देश पर चौरीचौरा पुलिस प्रयागराज और दिल्ली के सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
खजनी थाना क्षेत्र के कन्दराई निवासी देवेश कुमार यादव, गगहा थानाक्षेत्र के भरवलिया निवासी प्रह्लाद साहनी, उरुवा थानाक्षेत्र के मठ भताडी निवासी राजकुमार यादव और बांसगांव थानाक्षेत्र के हरिहर भैसा गांव निवासी कृष्ण पाल यादव ने एसएसपी को विगत दिनों शिकायती पत्र दिया था।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात वहां रहने वाले गायत्री नगर दांडी निवासी दीपक दुआ, दिल्ली के द्वारका सेक्टर 18 के अजीत, नजफगढ़ के मुकेश लता, रवि सिंह, खुशबू सिंह, अरविंद कुमार देशवाल और रूबी से हुई। इन लोगों ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब आदि प्रदेशों के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी में 15-15 लाख रुपये देकर चयनित कराया है।
पीड़ितों का कहना है कि सरकारी नौकरी के नाम पर रुपये देने के लिए तैयार हो गए। किसी तरह सगे संबंधियों से खेत बंधक रखकर एक बार तीन लाख रुपये दिए। फिर जालसाजों की ओर से दिए गए एक्सिस बैंक के खाते में 37 लाख 34 हजार रुपये भेजा गया।
इसके बाद उन्होंने बताया कि वे बिहार जाने वाले हैं। सभी लोग दो-दो लाख रुपये और ओरिजनल डॉक्यूमेंट लेकर चौरीचौरा नई बाजार रोड पर दे देना। चौरीचौरा में मुलाकात होने पर रुपया और कागजात दिया गया।
लखनऊ बुलाकर दे दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
युवकों ने बताया कि जालसाजों ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश सचिवालय व हाईकोर्ट इलाहाबाद में नौकरी मिल जाएगी। कुछ समय बीतने के बाद लखनऊ बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया। कहा कि एक सप्ताह के बाद सभी मूल दस्तावेज के साथ विधान परिषद प्रमुख सचिवालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।
नियुक्ति पत्र लेकर जब लखनऊ सचिवालय पहुंचे तो पता चला कि वह फर्जी है। जब जालसाजों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि परेशान मत होइए, जल्द किसी अन्य विभाग में नौकरी दिलवा देंगे। अब रुपया मांगने पर गाली गलौज और धमकी दे रहे हैं।