गोरखपुर जिले में वेटनरी कॉलेज की स्थापना के लिए चार वर्ष पहले 2018 में ही शासन से मंजूरी मिल गई, मगर अभी तक इसकी नींव नहीं पड़ सकी। कॉलेज के लिए चार जगह जमीन तलाशी गई, लेकिन हर बार कोई न कोई पेच फंस गया। जिस कारण जमीन निर्धारित नहीं हो सकी।
वेटनरी कॉलेज के लिए खोराबार क्षेत्र स्थित ताल कंदला में जमीन चिह्नित की थी। इसे पशुपालन विभाग को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी चल रही थी कि जलभराव की आशंका पर मुख्यमंत्री ने दूसरी जगह जमीन तलाशने का निर्देश दिया।
उपयुक्त जमीन न तलाशने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद प्रशासन नई जगह तलाशने में जुट गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कुछ जमीनें देखी हैं। शुक्रवार को भी अफसर जमीन देखने जाएंगे। इसी महीने जमीन की तलाश पूरी हो जाने की उम्मीद है।
चार साल में 100 करोड़ से अधिक बढ़ गया बजट
करीब चार साल पहले जब वेटनरी कॉलेज स्थापित करने का निर्णय किया गया था तो निर्माण की लागत करीब 325 करोड़ रुपये बताई गई थी। बाद में प्रस्ताव में कुछ और निर्माण कार्य जोड़े गए और रेट रिवाइज हुआ। अब इसका बजट 500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि वेटनरी कॉलेज के लिए जल्द उपयुक्त जमीन तलाश ली जाएगी। कुछ स्थानों पर जमीन देखी भी गई। शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर जमीन देखी जानी है।