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Lockdown in Gorakhpur: मजदूरों ने सुनाई दास्तां, कहा- कोरोना को छोड़िए, उस शहर में रहते तो भूख से मर जाते

Fri, 17 Apr 2020 03:32 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।
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लॉकडाउन की वजह से परिवहन सेवाएं बंद हैं, ऐसे में वाराणसी में मजदूरी करने वाले महराजगंज के नौतनवां के चार युवक पैदल ही घर को निकल पड़े। बृहस्पतिवार को दो सौ किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल पूरा कर वे गोलघर काली मंदिर के पास पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें रोक लिया।
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पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से उन्हें वाराणसी में काम मिल नहीं रहा था। पैसा भी खत्म हो गया। साधन नहीं मिला, तो पैदल ही निकल पड़े। युवकों ने कहा कि कोरोना को छोड़िए, वाराणसी में रहते तो भूख से ही मर जाते।

सभी का थर्मल स्कैनिंग सामान्य मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद चारों युवक पैदल ही 90 किलोमीटर दूर नौतनवां के लिए निकल पड़े।
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लॉकडाउन की वजह से काम हो गया था बंद

जानकारी के मुताबिक, नौतनवां के जगरनाथपुर निवासी रामरतन पासवान, रमेश यादव, सगे भाई रामविशाल पासवान और रामभवन पासवान वाराणसी में मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन करते थे।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया। जब तक पैसा था, वहीं पर रुके रहे। फिर कुछ दिन इधर-उधर से भोजन की व्यवस्था की। जब लगा कि अब व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो शहर छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई जगह पर उनकी सेहत की जांच हुई।
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