बीआरडी मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विभाग के पास लगे पालना आश्रय स्थल में मंगलवार को मासूम की किलकारी गूंजी। सुबह साढ़े चार बजे, पांच दिन के शिशु को कोई छोड़ गया। दो मिनट बाद घंटी बजी तो गेट पर स्थित चौकी के पुलिस कर्मियों के साथ मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी पहुंच गए। शिशु, डॉक्टरों की निगरानी में है।
जीवन संरक्षण अभियान के तहत 24 जून 2023 को बीआरडी मेडिकल काॅलेज में पीडिया विभाग के पास प्रदेश के 7वें एवं देश के 75वें पालना आश्रय स्थल का उद्घाटन किया गया था। मां भगवती विकास संस्थान उदयपुर की ओर से स्थापित इस पालन आश्रय स्थल का उद्देश्य है कि लावारिस, अनचाहे नवजात को भी जीवन जीने का अवसर मिले।
कोई भी व्यक्ति लावारिस, नाजायज शिशु को पालने में छोड़कर जा सकता है। पालने में नवजात को डालने वालों का नाम-पता गुप्त रखने के साथ ही उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि शिशु स्वस्थ है। उसकी उम्र करीब पांच दिन है। प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच के बाद उसे दूध पिलाया गया। उसे अभी बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। विधिक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि शिशु को पालने में रखने के दो मिनट बाद बाल रोग विभाग में घंटी बज जाती है।