- वन टीम के पहुंचते ही गाली-गलौज कर दी धमकी, कैंपियरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज
कैंपियरगंज। थाना क्षेत्र के जंगल बब्बन टोला केवटलिया गांव में सरकारी जंगल की साखू लकड़ी की अवैध कटान और चिरान का मामला सामने आया है। वन विभाग ने मामले में जोगिंदर, महेंद्र, कोईल और रविंद्र के खिलाफ कैंपियरगंज थाने में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
वन रक्षक आबिद अली ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि छह मार्च की सुबह करीब आठ बजे मुखबिर से सूचना मिली कि गांव जंगल बब्बन टोला केवटलिया स्थित जोगिंदर की फर्नीचर की दुकान और खपरैल के पास कुछ लोग सरकारी जंगल से काटी गई साखू की लकड़ी को हाथ की आरी से चीर रहे हैं। सूचना मिलने पर वह प्रशिक्षु प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी रोहन तिवारी, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राहुल सिंह और माली दिनेश के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पांच साखू के गोल बोटे, चार साखू की चिरान और करीब 50 किलो साखू की फरी बरामद हुई। लकड़ी पर कोई घन चिन्ह नहीं मिला और मौके पर कोई वैध कागजात भी नहीं दिखाया गया। वन विभाग की टीम जब बरामद लकड़ी को कब्जे में लेने लगी तो जोगिंदर, महेंद्र, कोईल और रविंद्र गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतारू हो गए और जान से मारने की धमकी देने लगे। स्थिति बिगड़ती देख वन विभाग ने अतिरिक्त स्टाफ और पुलिस बल को बुलाया, लेकिन इसके पहले ही सभी आरोपी मौके से भाग निकले। इसके बाद बरामद लकड़ी की नापतौल कर उसे रेंज परिसर कैंपियरगंज में सुरक्षित रख दिया गया। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध कटान के मामले में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि आरोपी घर से भागे बताए जा रहे हैं।