फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: झाड़ी में फेंका गया नवजात का मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

Fri, 04 Sep 2020 09:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, पीपीगंज (गोरखपुर)।
विज्ञापन
नवजात। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
विज्ञापन

गोरखपुर के पीपीगंज इलाके के करतहरी गांव के पास शुक्रवार की सुबह आठ बजे एक पोखरे के किनारे झाड़ी में नवजात का शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, करतहरी गांव के दक्षिण तरफ स्थित पोखरे के किनारे ग्रामीणों ने झाड़ी में नवजात बच्चे का शव देखा। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पोखरा के किनारे शव दफनाया गया होगा और बाद में जानवर उसे खींचकर बाहर लाए होंगे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई।

इस संबंध में थानाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
 

Trending Videos

इसके पहले भी मिल चुके हैं नवजात के शव

  • 18 मई 2019 : बड़हलगंज इलाके में शव मिला। केस दर्ज हुआ लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं।
  • 6 नवंबर 2019 : पीपीगंज इलाके में नवजात का शव मिला। पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन कार्रवाई शून्य।
  • 8 नवंबर 2019: बड़हलगंज इलाके में नवजात का शव मिला। मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन आगे की कार्रवाई पुलिस भूल गई।
  • 18 नवंबर 2019: गोला इलाके के मसहा गांव में नवजात का शव मिला। इसमें केस तो दर्ज हुआ। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दिया।
  • 19 नवंबर 2019: चौरीचौरा इलाके में दो नवजातों का शव मिला। केस दर्ज, लेकिन आगे की कार्रवाई कुछ नहीं।

केस दर्ज कर भूल जाती है पुलिस
नवजात का शव मिलने के मामलों में पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही करती है। इसका दुष्प्रभाव यह है कि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।  बड़हलगंज और चौरीचौरा में दो-दो, गोला, जीआरपी और सहजनवां थाने में एक-एक नवजात के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इन मामलों में पुलिस ने काफी हीलाहवाली के बाद केस तो दर्ज किया, लेकिन इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस का एक ही जवाब होता है-जांच की जा रही है। गोला इलाके के मसहा गांव में मिले नवजात के शव के मामले में तो पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दिया है।

 
विज्ञापन

पीपीगंज में नवजात का शव मिलने पर जेल गए थे आरोपित

नवंबर 2019 में पीपीगंज इलाके में नवजात का शव मिला था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हरकत में आई पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह ने इस मामले में रुचि दिखाई और फिर विवेचना कैंपियरगंज पुलिस को सौंपी गई।

इस मामले में आरोपितों की ना सिर्फ पहचान हुई, बल्कि वे जेल भी भेजे गए। पुलिस की जांच में पता चला कि एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया था। वह गर्भवती हो गई। जब उसने बच्चे को जन्म दिया तो आरोपितों ने नवजात की हत्या कर दी और शव को फेंक दिया।

इस धारा में दर्ज होना चाहिए केस
  • धारा 317 : माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 साल से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना।
  • धारा 318: पैदाइश छिपाने के लिए नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित या मृत फेंकना अपराध है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें