गोरखपुर। वर्ष 2016 बैच के पूर्व पीसीएस अधिकारी और राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के संस्थापक अलंकार अग्निहोत्री का आगमन बृहस्पतिवार को जिले में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में हुए महाकुंभ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बटुक की चोटी खींची गई। शंकराचार्य का अपमान हुआ, जिससे आहत होकर उन्होंने सामान्य वर्ग और ब्राह्मण समाज के सम्मान के लिए बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया और पार्टी बनाई। उन्होंने कहा कि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़कर सरकार बनाएंगे।
गोरक्षनगरी में आए अलंकार अग्निहोत्री ने बातचीत के दौरान बताया कि यूजीसी को लेकर सामान्य वर्ग के बच्चों का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करने के लिए यह एक्ट लाया गया है ताकि सामान्य वर्ग के बच्चे आगे न पढ़ सकें। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया। इस्तीफा देने का यह भी एक कारण रहा। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के बड़े हिस्से का समर्थन उन्हें मिल रहा है और इसी आधार पर पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने 26 जनवरी 2026 को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। इसी वर्ष 23 फरवरी को उन्होंने नई पार्टी बनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद पार्टी का गठन किया गया।
23 फरवरी को नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की गई और बाद में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का गठन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में सामान्य वर्ग और ब्राह्मण समाज के हितों की उपेक्षा की जा रही है। कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष है और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अभाव में उनकी आवाज प्रभावी ढंग से नहीं उठ पा रही है। उन्होंने कानपुर में चर्चित घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। कहा कि इस्तीफे के समय उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग अब सरकार में नहीं हैं। देश में विभिन्न प्रकार के भ्रष्टाचार सामने आ रहे हैं। देश इस समय संकट में है क्योंकि सवर्णों का प्रतिनिधित्व नहीं है। इस्तीफा देते समय उन्होंने कहा था कि सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व के लिए उन्हें नई पार्टी बनानी पड़ेगी।
अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी पार्टी सामान्य वर्ग के अधिकारों, सामाजिक न्याय और समान अवसरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 44 से 48 प्रतिशत आबादी सामान्य वर्ग से जुड़ी है और पार्टी इसी सामाजिक आधार को संगठित करने का प्रयास कर रही है। पूर्व पीसीएस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्नाव, बलरामपुर, एटा, लखनऊ और बरेली समेत विभिन्न जनपदों में कार्य किया है। अब वह प्रदेशभर के जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जनसमर्थन जुटाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का उद्देश्य सामान्य वर्ग के मुद्दों को राजनीतिक मंच प्रदान करना और उन्हें प्रभावी प्रतिनिधित्व दिलाना है। पार्टी आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित कर अपनी रणनीति को आगे बढ़ाएगी।