राजन तिवारी को 18 अगस्त को गोरखपुर एसओजी व कैंट पुलिस अीम ने बिहार के सक्सौल के पास से गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में वांछित था और करीब 60 एनबीडब्ल्यू कोर्ट से जारी था।
यूपी के टॉप 45 माफियाओं की सूची में शामिल पूर्व विधायक राजेंद्र उर्फ राजन तिवारी को गोरखपुर कोर्ट से जमानत मिल गई। अपर सिविल जज सीनियर डिविजन द्वितीय और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट से अलग-अलग दो मामलों में राजन को बीस हजार रुपये बंधपत्र के साथ सशर्त जमानत दी गई है। जमानत का आदेश पहुंचने के बाद मंगलवार को राजन तिवारी फतेहगढ़ जेल से रिहा हो गए।
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जानकारी के मुताबिक, राजन तिवारी को 18 अगस्त को गोरखपुर एसओजी व कैंट पुलिस अीम ने बिहार के सक्सौल के पास से गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में वांछित था और करीब 60 एनबीडब्ल्यू कोर्ट से जारी था।
उन पर गोरखपुर पुलिस की तरफ से 20 हजार रुपये इनाम भी था। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने गिरफ्तारी की थी। पुलिस ने सरकारी काम में बांधा डालने और धमकी देने का केस पुलिस ने दर्ज किया था। आरोप है कि पेशी पर ले जाते समय से जेल से छूटने पर राजन ने पुलिस वालों को जान से मारने की धमकी दी थी।