समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद का शस्त्र लाइसेंस जांच में फर्जी पाया गया है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही पूर्व मंत्री पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि गंभीर अपराध के मामले में पूर्व मंत्री के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने के लिए उनकी कोर्ट में मामला चल रहा था। लाइसेंस की जांच के दौरान पाया गया कि पूर्व मंत्री के पास मौजूद एक रायफल का लाइसेंस नगालैंड से बना है। जिसके नाम से लाइसेंस जारी हुआ है, वर्तमान में उस व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।
डीएम ने बताया कि लाइसेंस पूरी तरह फर्जी है और पूर्व मंत्री अवैध तरीके से वह रायफल रखे हुए हैं। इस मामले में पुलिस को पूर्व मंत्री पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर बड़हलगंज के इंस्पेक्टर रामाज्ञा सिंह ने कहा कि अभी मुकदमा दर्ज करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।
-----
मुझे कुछ जानकारी नहीं है। पहले भी कई बार प्रशासन मेरा शस्त्र लाइसेंस निरस्त और बहाल कर चुका है। मेरे घर पर घटना हुई थी। हमारी हत्या की साजिश की जा रही है। इसी के तहत हमारे हथियार हटाए जा रहे हैं।
- रामभुआल निषाद, पूर्व मंत्री