पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की आंखों में सूजन और सिर में दर्द है। जेल में वह बेचैन दिखाई दिए। शुक्रवार की सुबह मेडिकल टीम की जांच में जब उन्होंने अपनी समस्या को बताया तो दोपहर बाद आंख के सर्जन डॉ. इकबाल जिला कारागार पहुंचे और उनकी जांच की।
देवरिया में इंडस्ट्रियल एस्टेट में प्लॉट खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी के आरोपों में जिला कारागार में बंद पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर का शुक्रवार को अचानक सिर में दर्द और आंखों में सूजन आ गई। इसके चलते उनकी बेचैनी और बढ़ गई।
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इसकी जानकारी मिलते ही आंख के सर्जन डॉ. इकबाल ने उनकी आंखों की जांच की। जांच में उनकी आंखों में दिक्कत मिली। डॉक्टर ने उन्हें दवा दी। साथ ही चश्मा लगाने की सलाह दी। सूत्रों के मुताबिक पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर दूसरे दिन भी आम बंदियों की तरह रहे। इस दौरान वह बेचैन दिखाई दिए।
जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात वह कभी उठकर कमरे में टहलने लगते तो कभी सोने का प्रयास कर रहे थे। चश्मा टूटने की वजह से उन्हें देखने और कुछ पढ़ने में दिक्कत आ रही थी। तीन दिन पहले मेडिकल परीक्षण के बाद अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कारागार भेजा गया।
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वहां इनके स्वास्थ्य को देखते हुए अस्पताल के एक कमरे में रखने का निर्णय लिया गया। कमरे में जाने के बाद उन्होंने चश्मे के अभाव में देखने में दिक्कत की बात कही। बृहस्पतिवार की रात में भोजन व दवा खाने के बाद वे काफी देर तक कमरे में ही टहलते रहे।
चश्मा नहीं होने के चलते उनकी आंख में सूजन और सिर में दर्द होने लगा। शुक्रवार की सुबह मेडिकल टीम की जांच में जब उन्होंने अपनी समस्या को बताया तो दोपहर बाद आंख के सर्जन डॉ. इकबाल जिला कारागार पहुंचे और उनकी जांच की।
नॉर्मल था अमिताभ ठाकुर का शुगर और बीपी
शुगर और बीपी नॉर्मल था। चश्मा नहीं लगाने और ठंड लगने के चलते आंख में सूजन हो गई थी। इसको लेकर चिकित्सक ने दवा दी और चश्मे का नंबर देकर चले आए।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार
धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बुधवार की तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद उन्हें देवरिया के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार अमिताभ ठाकुर 1998 में देवरिया में बतौर एसपी तैनात हुए। आरोप है कि वर्ष 1999 में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट अलॉट करा लिया। औद्योगिक प्लॉट बी-2 नूतन इंडस्ट्रीज के नाम पर था, जिसमें नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी नाम लिखा गया।
वहीं, पति अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात ठाकुर दर्ज किया गया था। वर्ष 2003 में इस प्लॉट को शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया गया। मामले में संजय शर्मा ने सात नवंबर, 2025 को देवरिया कोतवाली में तहरीर देकर नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने का आरोप लगाया।
जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया
अमिताभ ठाकुर ने सीजेएम मंजू कुमारी के कोर्ट में आठ पेज का अपना पक्ष पेश किया। इसमें उन्होंने जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस दौरान अमिताभ भावुक हो गए। मामले की सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस मामले में अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं।