08 जनवरी 2020
कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।
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18 अप्रैल 2023
शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।
- अपने सिम कॉर्ड को हमेशा अपडेट करते रहें, इसकी केवाईसी समय-समय पर कराते रहें।
- किसी भी अनजान कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
- किसी अनजान लिंक को खोलने से बचें।
- अगर खाते से रुपये निकल चुके हैं तो तत्काल अपने बैंक से संपर्क करें और उसे लॉक करवाएं।
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पादरी बाजार एसबीआई ब्रांच मैनेजर विवेक तिवारी ने कहा कि ये काफी पुराना मामला है। इसकी शिकायत आने पर मामले को क्रेडिट कार्ड डिवीजन को भेज दिया गया था। ग्राहक ने यह बताया कि उनके पास बैंककर्मी बताकर किसी ने कॉल किया। इसके बाद लिंक भेजकर क्लिक करने को कहा। लिंक क्लिक करते ही रुपये कट गए थे। मामले की जांच चल रही है।