सुंदर का तना 5.30 मीटर चौड़ा व 58 मीटर लंबा है। इलाके में इस जैसा हराभरा पेड़ दूसरा और है भी नहीं। इससे उसकी गुणवत्ता का भी अंदाजा लगता है। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि सुंदर को संरक्षित करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए अतिरिक्त तैनाती की गई है।
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सुंदर वृक्ष को ‘विरासत वृक्ष’ का टैग बनाकर अन्य पेड़ों पर चस्पा किया जाएगा। इसकी तलाश फरेंदा के अलावा तरकुलहा, चौरीचौरा, अलीनगर, गोरखनाथ मंदिर सहित कई स्थलों पर की जाएगी। पुराने पेड़ों की उम्र पता लगाने की कोशिश चल रही है। ऐसे सभी वृक्षों पर उसके महत्व को लिखा जाएाग। पेड़ों के किनारे बाड़ (घेरा) बनाए जाएंगे ताकि इन्हें संरक्षित किया जा सकेगा।