दूसरे दिन भी गार्डों को जबरिया ट्रॉली बैग देने की कोशिश
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर लखनऊ मंडल के गार्डों को दूसरे दिन शुक्रवार को भी जबरिया ट्रॉली बैग देने कोशिश की गई। हालांकि गार्डों और पीआरकेएस के पदाधिकारियों के पहुंच जाने से रेल प्रशासन की कोशिश नाकाम हो गई और रेल प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। ट्रेन में लाइन बॉक्स में ही संरक्षा उपकरण भेजा गया।
शुक्रवार को काफी देर तक प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना पाकर दर्जनों की संख्या में पहुंचे गार्डों ने प्लेटफार्म पर ही जमकर हंगामा किया और किसी भी सूरत में ट्रॉली बैग स्वीकार न करने की बात दोहराई।
पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि गार्ड के लाइन बॉक्स में संरक्षा के सभी समान रेल परिसर में एवं सुरक्षित रहते हैं। जिसमें संरक्षा के उपकरण टेल लैंप, हैंड सिगनल लैंप, दो लाल झंडी, एक हरी झंडी, टेल बोर्ड, 10 पटाखे और चार तालों समेत 30 तरह के उपकरण रहते हैं। कहा कि रेल प्रशासन अपने ही इस विवेकहीन निर्णय पर दोबारा से विचार कर इसे वापस ले। हमारे गार्ड और चालक किसी भी सूरत में ट्रॉली बैग स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि सैकड़ों गार्डों के सामने महामंत्री नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन के महामंत्री डॉ. एम राघवैया से वार्ता की।
उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड ने अब तक इस विषय पर अंतिम फैसला नहीं दिया है और जोनल रेलवे से इस संबंध में सुझाव मांगे जा रहे हैं। जब तक रेलवे बोर्ड द्वारा इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता तब तक महाप्रबंधक को कोई अधिकार नहीं कि वे जबरिया गार्ड और चालक को ट्रॉली बैग उपलब्ध कराएं। स्टेशन पर प्रदर्शन के दौरान महामंत्री विनोद राय के अलावा कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, शाखा मंत्री ओमप्रकाश सिंह, शाखा अध्यक्ष विक्रम, कार्यकारिणी अध्यक्ष दयाशंकर चौधरी कृष्ण कुमार गुप्ता के अलावा गणेश, आरके यादव, जीबीएस त्रिपाठी, बेचु प्रसाद, अली अहमद, मलय पांडेय, मनीष पांडे, अमित राव, वीके यादव, प्रवीन कुमार, अरविंद कुमार, संतोष कुमार, अमलेंदु पांडे, असीम श्रीवास्तव, सतीश सिंह, इश्तियाक अहमद, एसएन शर्मा, पूरनमासी, रजनीश शुक्ला, जितेंद्र कुमार ,एके शर्मा, आदि रहे।
15 को रेलवे बोर्ड के सामने उठेगा मुद्दा
गोरखपुर। लोको पायलट और गार्ड को लाइन बॉक्स की जगह ट्रॉली बैग देने के मामले में 15 सितंबर को रेलवे बोर्ड के अधिकारियों और दोनों मान्यता प्राप्त संगठन एआईआरएफ एवं एनएफआईआर के पदाधिकारियों के साथ अपराह्न 3:30 बजे बैठक आयोजित की गई है। जिसमें इस मुद्दे पर फैसला होगा।