मंडल संख्या
लखनऊ 315
इज्जतनगर 266
वाराणसी 384
75 किमी से अधिक नहीं होगी ट्रेनों की रफ्तार
कोहरे में फॉग सेफ डिवाइस के साथ ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित है। ट्रेनें 75 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से नहीं चलेंगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, क्रासिंगों और सिग्नलों पर पारंपरिक नियमों और संसाधनों को भी लागू किया गया है।
क्या है फॉग डिवाइस
फॉग सेफ डिवाइस एक बैटरी ऑपरेटेड यंत्र है, जिसे ट्रेन के इंजन में रखा जाता है। इसमें जीपीएस की भी सुविधा होती है। इस यंत्र में एक वायर वाला एंटीना होता है, जिसे इंजन के बाहरी हिस्से में लगाया जाता है। यह एंटीना इस डिवाइस में सिग्नल को रिसीव करने के लिए लगाया जाता है। इसमें मेमोरी चिप लगी होती है, जिसमें रेलवे का रूट फिक्स होता है।
लेवल क्रासिंग, जनरल क्रासिंग, रेलवे स्टेशन की जानकारी फीड रहती है। इसके जरिए आगे पड़ने वाले सिग्नल या लाइन की जानकारी मिलती रहती है। यह डिवाइस लोको पायलट को तीन किलोमीटर पहले आगे आने वाले सिग्नल की जानकारी देती है। साथ ही सिग्नल से 500 मीटर पहले संदेश देना शुरू कर देती है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में सभी ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित किया गया है। इस जीपीएस आधारित डिवाइस के उपयोग से संरक्षा के साथ समय पालन में भी सुधार हुआ है।