फ्लैटेड फैक्ट्री में लगने वाली करीब 80 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से करीब तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। गीडा में रेडीमेड गारमेंट पार्क में 101 भूखंड विकसित किए गए हैं। मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का काम अंतिम चरण में है।
गोरखपुर औद्योगिक विकास क्षेत्र (गीडा) में स्थापित होने वाले फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स (एफएफसी) के लिए जल्द ही टेंडर जारी कर तीन माह के भीतर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले एफएफसी को केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद गारमेंट हब विकसित करने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तेजी से काम शुरू कर दिया है।
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प्राधिकरण के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि गीडा में बनने वाले फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय से 25 जुलाई को अंतिम अनुमोदन प्राप्त हो गया है। 33 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हो रही फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए केंद्र सरकार से 12 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि शेष धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार लगाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण के लिए टेंडर निकाल दिया जाएगा। तीन माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा देने की तैयारी है।
तीन हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
फ्लैटेड फैक्ट्री में लगने वाली करीब 80 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से करीब तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। गीडा में रेडीमेड गारमेंट पार्क में 101 भूखंड विकसित किए गए हैं। मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का काम अंतिम चरण में है।